AIMIM नेता इम्तियाज जलील को बड़ी राहत, कोरोनाकाल में सरकारी काम बाधा डालने के आरोप से हुए बरी

AIMIM नेता और पूर्व सांसद इम्तियाज जलील को बड़ी राहत मिली। अदालत ने लॉकडाउन उल्लंघन केस में उन्हें और अन्य आरोपियों को बरी किया। कोर्ट ने कहा- यह जनता के हक के लिए लड़ी गई लड़ाई थी।
AIMIM Leader Imtiaz Jaleel
AIMIM नेता इम्तियाज जलील (सोर्स: सोशल मीडिया)
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AIMIM Leader Imtiaz Jaleel News: पूर्व सांसद और AIMIM नेता इम्तियाज जलील को बड़ी राहत मिली है। न्यायालय ने एक मामला में जलील समेत अन्य आरोपियों को बरी कर दिया है। कोरोना काल के समय पर लगे लॉकडाउन के समय पर व्यापारियों के हक में संघर्ष करने वाले तत्कालीन सांसद इम्तियाज जलील और अन्य सभी आरोपियों को अदालत ने सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप से बरी कर दिया है।

कोरोना काल के समय पर सख्ती से लॉकडाऊन लगाया गया था उस समय पर 56 व्यापारिक प्रतिष्ठान को सील करने के बाद में व्यापारियों पर भारी जुर्माने लगाए गए थे। 1 जून, 2021 को श्रम उपायुक्त कार्यालय में सुनवाई तय की गई थी।

क्या है मामला?

व्यापारियों की मांग को लेकर तत्कालीन सांसद जलील स्वयं प्रतिनिधिमंडल के साथ श्रम उपायुक्त कार्यालय पहुंचे। उन्होंने प्रतिष्ठान के सील हटाने तथा जुर्माना कम करने की मांग रखी। आंदोलन शांतिपूर्ण था, किंतु इसी दौरान जलील व उनके साथियों पर सरकारी काम में बाधा डालने का केस दर्ज कर लिया गया।

जनता के अधिकारों के लिए लड़ी गई लड़ाई

अदालत में हुई सुनवाई के बाद, न्यायालय ने शुक्रवार को दिए अपने फैसले में स्पष्ट कहा कि प्रकरण में किसी भी प्रकार का अपराध घटित नहीं हुआ है। अदालत ने सभी आरोपियों को निर्दोष घोषित करते हुए उन्हें बरी कर दिया।

उन्होंने कहा कि यह मुकदमा जनता के अधिकारों के लिए लड़ी गई लड़ाई का प्रतीक है। हमने न्यायपालिका पर पूर्ण विश्वास जताया, और आज उसी विश्वास को न्याय मिला है। फैसले ने यह साबित किया है कि अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना अपराध नहीं बल्कि जनसेवा का प्रतीक है।

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