ई-केवाईसी बना सबसे बड़ा अवरोध, पीएम किसान योजना से अमरावती के 3,224 किसान बाहर

PM Kisan scheme: अमरावती में पीएम किसान योजना की 21वीं किस्त के बाद ई-केवाईसी और तकनीकी त्रुटियों के कारण 3,224 किसान लाभ से बाहर हो गए। नए नियमों और आधार लिंकिंग की समस्या खड़ी हुई है।
ई-केवाईसी बना सबसे बड़ा अवरोध
ई-केवाईसी बना सबसे बड़ा अवरोध (सौजन्यः सोशल मीडिया)
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Amravati Farmers Excluded: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 21वीं किस्त 19 नवंबर को जिले के 2,69,974 पात्र किसानों के खातों में जमा कर दी गई। लेकिन किस्त जारी होने के बाद केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए नए नियमों, आधार लिंकिंग और ई-केवाईसी बाधाओं के कारण जिले के 3,224 किसानों को लाभ से बाहर कर दिया गया है।

ई-केवाईसी पूरी, फिर भी खाते निष्क्रिय - बढ़ती शिकायतें

बैंकिंग नियमों के अनुसार ई-केवाईसी अनिवार्य है, लेकिन कई किसानों की ई-केवाईसी लंबित होने से उनकी अगली किस्त रोक दी गई है। कुछ किसानों ने ई-केवाईसी पूरी कर ली है, फिर भी उनके खाते सक्रिय नहीं हुए। ऐसी शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं। इन्हीं कारणों से हर किस्त के साथ लाभार्थियों की संख्या कम होती जा रही है।

एक परिवार - एक लाभार्थी नियम से भी कमी

नए नियमों के अनुसार एक परिवार में केवल एक सदस्य को ही योजना का लाभ मिलेगा। यदि माता-पिता और पुत्र सभी को लाभ मिल रहा था, तो अब फिल्टर लगाकर एक सदस्य को ही पात्र रखा गया है।

तकनीकी त्रुटियों से पात्र किसान भी वंचित

कई पात्र किसान भी तकनीकी समस्याओं के कारण लाभ नहीं पा रहे हैं। किसान मंगेश पारडे का कहना है कि “ई-केवाईसी, आधार लिंक और डेटा सीडिंग में त्रुटियों को दूर करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाना चाहिए।”

पति-पत्नी दोनों को मिली किस्त पर रोक

कुछ मामलों में पति-पत्नी दोनों की जमीन होने से दोनों को किस्त मिल रही थी।अब ऐसे सभी मामलों की जांच कर लाभ बंद कर दिया गया है। कृषि उपसंचालक वरुण देशमुख के अनुसार, आयकर दाताओं को अपात्र घोषित करने के नियम से भी लाभार्थियों की संख्या में कमी आई है।

जिले का अपडेट (अमरावती)

  • पंजीकृत किसान: 2,91,908
  • ई-केवाईसी पूर्ण: 2,84,770
  • डेटा सीडिंग पूर्ण: 2,73,188
  • लाभार्थी किसान: 2,69,964
  • अपात्र/फिल्टर किसान: 3,224
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