खाड़ी देशों में सैकड़ों अमरावती निवासी फंसे, ईरान-इजराइल युद्ध का असर, परिजनों में चिंता
Amaravati Residents Stranded: ईरान-इजराइल युद्ध के बीच खाड़ी देशों में अमरावती के सैकड़ों नागरिक फंसे, उड़ानें रद्द होने से परिजनों में चिंता बढ़ी और प्रशासन ने समन्वय शुरू किया।
- Written By: आंचल लोखंडे
Middle East crisis (सोर्सः सोशल मीडिया)
Iran Israel Conflict Impact: मध्य पूर्व में जारी ईरान-इजराइल संघर्ष का असर खाड़ी देशों में रह रहे भारतीयों पर भी पड़ा है। रोजगार और व्यवसाय के सिलसिले में खाड़ी क्षेत्र गए जिले के सैकड़ों नागरिक वर्तमान में वहीं फंसे होने की जानकारी सामने आई है। युद्ध जैसी स्थिति के चलते कई देशों में हवाई सेवाएं प्रभावित होने से लोगों की आवाजाही ठप हो गई है।
जानकारी के अनुसार बहरीन, ईरान, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और यूएई जैसे देशों में रह रहे अमरावती निवासी इंजीनियर, श्रमिक, तकनीशियन और लघु व्यवसायी इस स्थिति से प्रभावित हुए हैं। वहीं कुछ अनिवासी भारतीय, जो पारिवारिक कार्यक्रमों या अन्य कार्यों से भारत आए थे, वे भी उड़ानें रद्द होने के कारण वापस नहीं लौट पा रहे हैं।
परिजनों में तीव्र चिंता का माहौल
अचानक विमान सेवाएं रद्द होने से यात्रियों को भारी मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अमरावती में रह रहे उनके परिजनों में तीव्र चिंता का माहौल है। विशेषकर वे नागरिक जो यात्रा के दौरान थे, उन्हें अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है।
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कई परिवारों ने जिला प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और विदेश मंत्रालय से संपर्क कर सुरक्षित वापसी की व्यवस्था करने की मांग की है। प्रशासन द्वारा प्रभावित नागरिकों की जानकारी एकत्र करने की प्रक्रिया शुरू किए जाने की बात सामने आई है। केंद्र सरकार के माध्यम से आवश्यक समन्वय और सहायता का आश्वासन भी दिया गया है।
परिस्थिति सामान्य होने की प्रतीक्षा
महाराष्ट्र सरकार और भारत सरकार नागरिकों की सुरक्षा पर नजर रखे हुए हैं। आवश्यकता पड़ने पर संरक्षण, समन्वय और परिस्थिति अनुसार निकासी (एवैक्यूएशन) की व्यवस्था की जाएगी। अधिक जानकारी के लिए नागरिक जिलाधिकारी कार्यालय के नियंत्रण कक्ष तथा पुलिस अधीक्षक कार्यालय (ग्रामीण) से संपर्क कर सकते हैं।
आपात स्थिति में राज्य आपात संचालन केंद्र के हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करने की अपील की गई है। संतोष काकड़े, निवासी उपजिलाधिकारी, ने बताया कि राज्य स्तर से निर्देश प्राप्त हुए हैं और विदेशों में जिले के कितने नागरिक हैं, इसकी सटीक जानकारी संकलित की जा रही है।
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एयरस्पेस बंद होने के कारण उड़ान रद्द
इसी बीच, मोहन बपोरीकर उपनयन संस्कार में शामिल होने के लिए कारंजा आए थे, जबकि उनकी पत्नी और बेटी दुबई में ही हैं। 27 फरवरी को मुंबई से उनकी वापसी की उड़ान निर्धारित थी, लेकिन एयरस्पेस बंद होने के कारण उड़ान रद्द कर दी गई।
उन्होंने बताया कि फिलहाल वे मुंबई में एक मित्र के यहां रुके हुए हैं और परिवार से लगातार संपर्क में हैं। उनके अनुसार दुबई में भारतीय नागरिक आपस में संपर्क बनाए हुए हैं और सुरक्षित हैं। सुरेंद्र रामेकर, जिला आपदा कक्ष अधिकारी, ने बताया कि जिला प्रशासन राज्य नियंत्रण कक्ष के संपर्क में है और नई जानकारी मिलने पर नागरिकों को सूचित किया जाएगा।
