अधिक मास में 201 किलो आमों से सजी रामदेव बाबा समाधि, दर्शन को उमड़े श्रद्धालु
Ramdev Baba Samadhi: अमरावती के प्रभात चौक स्थित प्राचीन रामदेव बाबा समाधि मंदिर में पुरुषोत्तम मास के उपलक्ष्य में २०१ किलो आमों से भव्य श्रृंगार किया गया और श्रद्धालुओं को आमरस का प्रसाद बांटा गया।
- Written By: केतकी मोडक
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स - AI)
201 Kg Mango Decoration On Ramdev Baba’s Samadh In Amravati: अधिक मास के पावन और आध्यात्मिक अवसर पर अमरावती शहर के प्रभात चौक स्थित ऐतिहासिक एवं प्राचीन रामदेव बाबा समाधि मंदिर में एक बेहद भव्य और अलौकिक धार्मिक आयोजन संपन्न हुआ है। इस विशेष पर्व के उपलक्ष्य में मंदिर प्रशासन और सेवाधारियों द्वारा भगवान बाबा रामदेवजी की पवित्र समाधि को फलों के राजा आम से विशेष रूप से अलंकृत किया गया था।
करीब २०१ किलोग्राम चुनिंदा और ताजे आमों से किए गए इस बेहद मनमोहक और आकर्षक श्रृंगार ने वहां पहुंचने वाले हजारों श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। पूरे दिन यह अलौकिक दृश्य मंदिर में आने वाले भक्तों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र बना रहा।
महाआरती के बाद भक्तों में वितरित हुआ आमरस का भोग
धार्मिक अनुष्ठान के तय कार्यक्रम के अनुसार, सुबह के समय वैदिक मंत्रोच्चार के बीच बाबा रामदेवजी की भव्य महाआरती का आयोजन किया गया। महाआरती संपन्न होने के तुरंत बाद मंदिर परिसर में उपस्थित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को विशेष रूप से तैयार किए गए स्वादिष्ट आमरस का भोग लगाया गया और इसे प्रसाद के रूप में वितरित किया गया।
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इस पूरे भव्य आयोजन की सुचारू व्यवस्था और प्रबंधन ‘जय बाबारी मित्र परिवार’ तथा ‘महिला परिवार’ के समर्पित सेवाधारियों ने बखूबी संभाली, जिससे किसी भी श्रद्धालु को दर्शन में असुविधा न हो।
महाराष्ट्र की एकमात्र ‘प्रारूप समाधि’ का विशेष महत्व
मंदिर के वरिष्ठ आयोजकों और जानकारों के अनुसार, संपूर्ण महाराष्ट्र राज्य में स्थित बाबा रामदेवजी की यह एकमात्र प्रामाणिक ‘प्रारूप समाधि’ है, जिसके कारण इस स्थान के प्रति लोगों की अगाध श्रद्धा है। हिंदू धर्म शास्त्रों में पुरुषोत्तम मास के दौरान किए जाने वाले इस तरह के विशेष श्रृंगार, पूजा-अर्चना और समाधि के प्रत्यक्ष दर्शन का धार्मिक व आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत फलदायी और विशेष महत्व माना गया है।
यही कारण रहा कि सुबह से लेकर देर रात तक संपूर्ण मंदिर परिसर भक्तों की भारी भीड़ से खचाखच भरा रहा और श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर बाबा रामदेवजी के दर्शन किए तथा अपने परिवार की सुख, शांति और समृद्धि की मंगल कामना की।
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इन सेवाधारियों का रहा विशेष और सराहनीय सहयोग
इस संपूर्ण धार्मिक उत्सव को धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ सफलतापूर्वक संपन्न कराने में राधाकिशन लढ्ढा, सुनील गांधी, राजेंद्र राठी, जुगल लढ्ढा, नीलेश शर्मा, श्रीकिशन व्यास, कन्हैयालाल गोयल, बाबूलाल चौधरी, प्रकाश श्रीमाली, श्याम जोशी, लक्ष्मीकांत खंडेलवाल, मयूर सोनी और राकेश ओफ सहित जय बाबारी मित्र परिवार एवं महिला परिवार के सभी सक्रिय सदस्यों ने दिन-रात मेहनत कर अपना विशेष और सराहनीय योगदान दिया।
