मॉसिकॉल की मूल्यवान जमीन निजी बिक्री से बचेगी? अमरावती विकास को लेकर मंत्रालय में हुई अहम बैठक
Mosicall Factory Land Dispute: अमरावती मॉसिकॉल कारखाने की कीमती जमीन को निजी बिक्री के लिए उपलब्ध कराने के बजाय जनहित में आरक्षित रखने के विभिन्न विकल्पों पर मुंबई मंत्रालय में चर्चा की गई।
- Written By: केतकी मोडक
अमरावती मॉसिकॉल कारखाने को लेकर मुंबई स्थित मंत्रालय में बैठक में अधिकारी (सोर्स - नवभारत)
Key Meeting Held at the Ministry Regarding Amravati Development: अमरावती शहर की बंद पड़ी स्थानीय मॉसिकॉल कारखाने की अत्यंत मूल्यवान और प्राइम लोकेशन पर स्थित भूमि के भविष्य को लेकर मुंबई स्थित मंत्रालय में एक बेहद महत्वपूर्ण और उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस विशेष बैठक में अमरावती जिले के पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले तथा स्थानीय विधायक संजय खोडके प्रमुखता से उपस्थित थे। बैठक का मुख्य उद्देश्य इस बहुमूल्य सरकारी व औद्योगिक भूमि को किसी भी प्रकार की निजी कमर्शियल बिक्री के लिए उपलब्ध कराने के बजाय, विशुद्ध रूप से जनहित और सामाजिक सरोकारों को ध्यान में रखते हुए आरक्षित रखने के विभिन्न विकल्पों पर विस्तृत और तकनीकी चर्चा करना था।
शहर के दीर्घकालीन विकास और सार्वजनिक उपयोग को प्राथमिकता
मंत्रालय में संपन्न हुई इस बैठक के दौरान अमरावती शहर के आगामी दीर्घकालीन विकास, सार्वजनिक उपयोगिता और आम नागरिकों के बुनियादी हितों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई। उपस्थित मंत्रियों और अधिकारियों ने इस कीमती भूखंड पर भविष्य में साकार होने वाली संभावित जनकल्याणकारी योजनाओं एवं उसके लिए आवश्यक कानूनी व प्रशासनिक उपायों की गहन समीक्षा की। इसके साथ ही, भूमि के सबसे बेहतर और रचनात्मक उपयोग को सुनिश्चित करने तथा अमरावती शहर की भविष्य की विकासात्मक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं पर बारीकी से विचार-विमर्श किया गया।
वरिष्ठ प्रशासनिक और तकनीकी अधिकारियों ने दिए अपने सुझाव
बैठक में उपस्थित नगर विकास विभाग, उद्योग विभाग और राजस्व विभाग के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने इस विषय से जुड़े विभिन्न तकनीकी, कानूनी एवं प्रशासनिक पहलुओं पर अपने महत्वपूर्ण अध्ययन और सुझाव प्रस्तुत किए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस भूमि का उपयोग शहर के सौंदर्यीकरण, किसी बड़े शासकीय उपक्रम, जनसुविधा केंद्र या पार्क जैसे सार्वजनिक प्रोजेक्ट्स के लिए किया जा सकता है।
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बैठक में पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले और विधायक संजय खोडके ने कड़ा रुख अपनाते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि इस जमीन के मामले में जनहित को ही सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और उसी के अनुरूप आगे की वैधानिक कार्यवाही तेजी से पूरी की जाए।
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निजी हाथों में जाने से रोकने के लिए स्थानीय स्तर पर हो रहे थे प्रयास
उल्लेखनीय है कि मॉसिकॉल कारखाने की यह मूल्यवान भूमि पिछले काफी समय से चर्चा का विषय बनी हुई थी और स्थानीय नागरिकों तथा सामाजिक संगठनों द्वारा इसे निजी हाथों में सौंपने का लगातार विरोध किया जा रहा था। इस महत्वपूर्ण बैठक के बाद अब यह पूरी तरह साफ हो गया है कि प्रशासन इस जमीन को अमरावती के नागरिकों के सार्वजनिक हितों के लिए ही उपयोग में लाएगा।
इस सकारात्मक निर्णय से अमरावती के विकास को एक नई और नियोजित दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। विधायक खोडके ने बताया कि जमीन के हस्तांतरण और आरक्षण की अंतिम रूपरेखा जल्द ही आधिकारिक तौर पर घोषित की जाएगी।
