Amravati News: अमरावती में इंजीनियरिंग छात्रा की संदिग्ध मौत, दोस्त पर हत्या का मामला दर्ज

4 जून की रात पुलिस को सूचना मिली कि वह अपने कमरे में मृत अवस्था में मिली है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने उसके करीबी मित्र के विरुद्ध हत्या का मामला दर्ज किया है।
अमरावती में इंजीनियरिंग छात्रा की संदिग्ध मौत
अमरावती में इंजीनियरिंग छात्रा की संदिग्ध मौत। (सौजन्यः सोशल मीडिया)
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अमरावती: अमरावती शहर में इंजीनियरिंग की एक छात्रा की संदिग्ध परिस्थिति में हुई मौत ने नया मोड़ ले लिया है। पहले जहां इस मामले को आत्महत्या मानकर पुलिस ने आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज किया था, वहीं अब छात्रा की बड़ी बहन की शिकायत और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने उसके करीबी मित्र के विरुद्ध हत्या का मामला दर्ज किया है। मृत छात्रा राठी नगर क्षेत्र में एक किराए के मकान में रहकर पढ़ाई कर रही थी।

4 जून की रात पुलिस को सूचना मिली कि वह अपने कमरे में मृत अवस्था में मिली है। जब पुलिस मौके पर पहुंची, तो वहां प्रतीक शरद हिवसे नामक युवक और उसका एक मित्र मौजूद था। प्रतीक ने पुलिस को बताया कि छात्रा फोन नहीं उठा रही थी, इसलिए वह अपने मित्र के साथ उसके निवास पर गया था। वहां उसने छात्रा को पंखे से लटका पाया और फिर उसे नीचे उतारा। प्रारंभिक जांच के आधार पर पुलिस ने इसे आत्महत्या का मामला मानते हुए जांच शुरू की थी।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट से हत्या की आशंका

हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जो तथ्य सामने आए, उन्होंने जांच की दिशा को पूरी तरह बदल दिया। रिपोर्ट में छात्रा के सिर में गंभीर अंदरूनी चोट और गले पर स्पष्ट निशान पाए गए, जिससे हत्या की संभावना मजबूत हुई। इसके बाद छात्रा की बड़ी बहन ने पुलिस थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई, जिसमें उसने आरोप लगाया कि प्रतीक हिवसे ने ही उसकी बहन की हत्या की है। बहन का यह भी कहना है कि कुछ दिन पहले ही मृतका ने प्रतीक को परिवार से "सिर्फ मित्र" के रूप में मिलवाया था। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने प्रतीक के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) के अंतर्गत मामला दर्ज कर लिया है और मामले की गंभीरता से जांच शुरू कर दी गई है।

मौत से पहले का कॉल बना संदेह का कारण

मामले से जुड़ी एक और अहम जानकारी सामने आई है। चार जून को दोपहर करीब तीन बजे मृतका ने अपनी बहन को कॉल किया था। कॉल पर उसने सिर्फ इतना कहा कि "गलती से कॉल लग गया", और तुरंत कॉल काट दिया। इसके बाद उसके पिता और बहन ने उसे कई बार कॉल किया, लेकिन उसने कोई उत्तर नहीं दिया। परिजनों को चिंता हुई तो बड़ी बहन उसकी हालत देखने पहुंची। वहां पहुंचने पर उसने देखा कि प्रतीक मृत छात्रा के शव के पास बैठा था और रो रहा था। यह दृश्य देखकर वह स्तब्ध रह गई।

पुलिस के सामने कई सवाल

  • छात्रा के सिर में गंभीर चोट कैसे लगी?
  • गले पर जो निशान पाए गए, वे किन परिस्थितियों में बने?
  • यदि यह आत्महत्या थी तो शरीर पर अन्य चोटों के निशान क्यों थे?
  • क्या हत्या को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई?

छात्राओं की सुरक्षा को लेकर उठे सवाल

पुलिस ने इस मामले में गहन जांच शुरू कर दी है। सभी संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और फोरेंसिक टीम भी साक्ष्य इकट्ठा कर रही है। यह घटना न केवल अमरावती में बल्कि अन्य शहरों में भी छात्राओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े कर रही है। अकेले रह रही छात्राओं की सुरक्षा व्यवस्था, उनके संपर्कों की निगरानी और तनावपूर्ण स्थितियों में समय पर हस्तक्षेप की आवश्यकता पर एक बार फिर विचार करने की ज़रूरत सामने आई है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी निष्पक्षता और संवेदनशीलता से की जा रही है और दोषी को कानून के अनुसार कड़ी सज़ा दिलाई जाएगी।

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