बकायादारों का नल कनेक्शन होगा बंद, घरेलू और व्यावसायिक धारकों को मनपा की चेतावनी

Akola Latest News: अकोला महानगरपालिका प्रशासन ने शहर में जल कर संग्रह बढ़ाने के लिए अवैध नल कनेक्शन और जल कर बकाया रखने वालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
Akola Latest News: अकोला महानगरपालिका प्रशासन ने शहर में जल कर संग्रह बढ़ाने के लिए अवैध नल कनेक्शन और जल कर बकाया रखने वालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
अकोला मनपा प्रवेश द्वार (सौजन्य-नवभारत)
Published on: 
Updated on: 

Akola News: अकोला महानगरपालिका प्रशासन ने शहर में जल कर संग्रह बढ़ाने के उद्देश्य से विशेष अभियान शुरू किया है। इसके तहत अवैध नल कनेक्शन और जल कर बकाया रखने वालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। जल्द ही मनपा के जलापूर्ति विभाग द्वारा बकायादारों का नल कनेक्शन काटने की मुहिम शुरू की जाएगी। महानगरपालिका के लिए संपत्ति कर और जल कर आय के प्रमुख स्रोत हैं।

पूर्व में इन करों की वसूली का ठेका एक निजी कंपनी को दिया गया था, लेकिन अपेक्षित कार्य न होने के कारण वह ठेका रद्द कर दिया गया। शहर में संपत्तिधारकों की संख्या के अनुपात में वैध नल कनेक्शन की संख्या काफी कम है, जिससे बड़ी असमानता सामने आई है। इस स्थिति को देखते हुए मनपा ने अवैध नल कनेक्शन की पहचान के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया है।

इसके तहत अवैध नलधारकों से जुर्माना वसूल कर उन्हें वैध किया जाएगा। साथ ही, जिन संपत्तिधारकों ने लंबे समय से जल कर का भुगतान नहीं किया है या बिना पंजीकरण के अवैध रूप से पानी का उपयोग कर रहे हैं, उनके खिलाफ भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।

जलापूर्ति विभाग द्वारा सर्वेक्षण जारी

वर्तमान में मनपा ने 25 मीटर रीडर नियुक्त किए हैं, जो घर-घर जाकर मीटर रीडिंग लेने, बकाया की जांच करने और सीधे कर वसूलने का कार्य कर रहे हैं। जल कर की राशि जमा करने के बाद नागरिकों को तुरंत अधिकृत रसीद प्रदान की जा रही है। बकायादारों और अवैध नलधारकों की अलग सूची तैयार की जा रही है, जिन्हें बकाया भुगतान करने और अवैध कनेक्शन को वैध कराने के लिए नोटिस भेजे जा रहे हैं।

इसके बावजूद यदि कोई कार्रवाई नहीं करता है, तो उनके खिलाफ नियमों के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। यह अभियान मनपा की राजस्व वृद्धि, जलापूर्ति की पारदर्शिता और नागरिकों को समय पर सेवा प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com