
पिंपरी चिंचवड़ नगर निगम (सौ. सोशल मीडिया )
Pimpri Chinchwad Municipal Corporation Budget 2026: पिंपरी-चिंचवड़ महानगर पालिका के आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट निर्माण की प्रक्रिया अब अपने अंतिम चरण में है।
शहर में लंबे समय तक चले प्रशासकीय शासन के बाद अब निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की वापसी हो चुकी है, जिसके कारण इस बजट को लेकर नागरिकों और राजनीतिक गलियारों में भारी उत्सुकता देखी जा रही है।
हालांकि तकनीकी पेंच यह है कि बजट स्थायी समिति अध्यक्ष के समक्ष पेश होगा या महापौर के पास, यह आने वाले कुछ दिनों की राजनीतिक नियुक्तियों पर निर्भर करेगा। मार्च 2022 से अब तक महानगर पालिका में प्रशासकीय शासन लागू था।
इस चार वर्ष की अवधि के दौरान कुल तीन बजट प्रशासक द्वारा ही तैयार और पारित किए गए। निर्वाचित नगरसेवकों के अभाव में विकास कार्यों के निर्णय और निधि का आवंटन पूरी तरह प्रशासनिक अधिकारियों के हाथ में था। वर्ष 2026-27 का बजट भी मूल रूप से प्रशासक के मार्गदर्शन में तैयार किया गया है, लेकिन इसे अंतिम मंजूरी के लिए अब सदन (जनप्रतिनिधियों) के पटल पर रखा जाएगा।
पिंपरी चिंचवड़ महानगर पालिका की परंपरा के अनुसार बजट प्रतिवर्ष 20 फरवरी के आसपास पेश किया जाता है। वर्तमान स्थिति में आयुक्त श्रवण हर्डीकर ने बजट निर्माण को लेकर सभी विभाग प्रमुखों की समीक्षा बैठकें पूरी कर ली है।
सूत्रों के अनुसार यदि 28 फरवरी तक स्थायी समिति अध्यक्ष का चुनाव संपन्न हो जाता है, तो बजट नियमानुसार स्थायी समिति के समक्ष पेश किया जाएगा, यदि राजनीतिक कारणों या देरी की वजह से अध्यक्ष का चयन नहीं हो पाता है, तो आयुक्त यह बजट सीधे महापौर के समक्ष प्रस्तुत करेंगे।
आगामी बजट में शहर के मूलभूत ढांचे, अधूरे प्रोजेक्ट्स और नई विकास योजनाओं के लिए प्रावधान किए जा रहे हैं। आयुक्त ने विभाग प्रमुखों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे पिछले वर्ष के वास्तविक खर्च, अपेक्षित राजस्व और कर निर्धारण का सटीक विवरण प्रस्तुत करें। प्रत्येक विभाग से पूंजीगत और राजस्व खर्च की जानकारी मंगवाई गई है, ताकि 1 अप्रैल से नए बजट का सुचारु क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।
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प्रशासकीय शासन के बाद यह पहला बजट होगा, – जिसे जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधि अंतिम रूप में देंगे। ऐसे में शहर के प्रमुख प्रोजेक्ट्स, जैसे जलापूर्ति योजना, कचरा प्रबंधन और सार्वजनिक परिवहन (पीएमपीएमएल) के लिए विशेष निधि की मांग की जा रही है। महापौर से 5 अंतिम हरी झंडी मिलने के बाद ही विकास कार्यों की नई रूपरेखा स्पष्ट हो पाएगी।






