लगातार बारिश से सोयाबीन की फसलों पर मंडराया संकट, कृषि विभाग ने खेतों पर पहुंचकर किया मार्गदर्शन

Akola News: अकोला जिले में लगातार बारिश के बाद सोयाबीन की फसलों पर बुरा असर पड़ा। किसानों की मदद के लिए कृषि विभाग ने खेतों पर पहुंचकर किसानों का मार्गदर्शन किया।
Akola News: अकोला जिले में लगातार बारिश के बाद सोयाबीन की फसलों पर बुरा असर पड़ा। किसानों की मदद के लिए कृषि विभाग ने खेतों पर पहुंचकर किसानों का मार्गदर्शन किया।
फसलों का निरीक्षण कर किसानों को मार्गदर्शन करते हुए कृषि विभाग की टीम (सौजन्य-नवभारत)
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Akola News in Hindi: अकोला जिले में लगातार हो रही बारिश के कारण किसानों की समस्याएं गंभीर रूप से बढ़ गई हैं। विशेष रूप से सोयाबीन और कपास की फसलें प्रभावित हो रही हैं। बोरगाव मंजू परिसर में सोयाबीन की फसल पर लष्करी इल्ली, अन्य कीट, बुरशीजन्य रोग, यलो मोझेक और पत्तों का पीला पड़ना जैसी समस्याएं सामने आई हैं।

अतिवृष्टि के कारण खेतों में पानी भर गया है, जिससे फसल की देखरेख और कीटनाशक छिड़काव करना कठिन हो गया है। किसानों की इन समस्याओं को देखते हुए विधायक रणधीर सावरकर के आदेश पर अकोला तहसील कृषि विभाग ने वैज्ञानिकों की टीम के साथ बोरगाव मंजू क्षेत्र के अनवी, मिर्झापुर, राजापुर और पैलपाडा गांवों में खेतों का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के लिए पहुंचा कृषि विभाग

इस दौरान किसानों को रोग नियंत्रण, कीट प्रबंधन और फसल बचाव के उपायों पर मार्गदर्शन दिया गया। इस निरीक्षण में कृषि सल्लागार समिति के अध्यक्ष जयकृष्ण ठोकल, अधीक्षक कृषि अधिकारी शंकर किरवे, तहसील कृषि अधिकारी विलास वाशीमकार, डा. पंजाबराव देशमुख कृषि विश्वविद्यालय के डा. प्रकाश घाटोल, डा. श्रीकांत ब्राम्हणकर, डा. पी.के. राठोड, उप कृषि अधिकारी मनीषा जोशी, सहायक कृषि अधिकारी संजय जाधव और अजय देशमुख शामिल रहे।

निरीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय किसान और जनप्रतिनिधि उपस्थित थे, जिनमें संजय वसु, प्रशांत नागे, केशव धोत्रे, पवनकुमार जयस्वाल, रमेश सोनटक्के, प्रकाश लहाले, गुलाब नागे, शंकर वसु, सागर राऊत, विकास काकड, देवानंद नायडेकर, सुनील वसु, उत्तमराव नवलकर, देविदास वसु, प्रकाश वसु और दिलीप लहाले प्रमुख रूप से शामिल रहे।

किसानों को मिली तकनीकी जानकारी

कृषि विभाग की इस पहल से किसानों को तकनीकी जानकारी और मानसिक संबल मिला है। विभाग ने मौसम के अनुसार फसल की देखरेख, कीटनाशक और रोगनाशक के सही उपयोग की सलाह दी है। इस प्रयास से किसानों में आशा का संचार हुआ है और प्रशासन की तत्परता की सराहना की जा रही है।

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