मध्य रेलवे ने बिना टिकट यात्रा पर कसी लगाम, 30.75 लाख बिना टिकट यात्रियों पर कार्रवाई

Central Railway: मध्य रेलवे ने बिना टिकट यात्रा के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए अप्रैल से दिसंबर 2025 के बीच 30.75 लाख यात्रियों पर कार्रवाई कर 183.16 करोड़ रुपए का दंड वसूला है।
Ticket checking drive
Central Railway:मध्य रेलवे (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Akola News: मध्य रेलवे ने यात्रियों को सुरक्षित, सुगम और आरामदायक यात्रा का अनुभव देने की अपनी प्रतिबद्धता के तहत अनधिकृत एवं बिना टिकट यात्रा रोकने के उपाय और अधिक सख्त कर दिए हैं। नियोजित और सघन टिकट जांच अभियानों के माध्यम से वित्तीय वर्ष 2025–26 (अप्रैल से दिसंबर 2025) में उल्लेखनीय परिणाम सामने आए हैं।

विशेष टिकट जांच पथकों ने इस अवधि में 30.75 लाख यात्रियों को पकड़ा, जो बिना टिकट या अपूर्ण/अवैध टिकट के साथ यात्रा कर रहे थे। यह संख्या पिछले वर्ष की इसी अवधि (28.01 लाख) की तुलना में लगभग 10 प्रतिशत अधिक है। इसी दौरान दंड स्वरूप 183.16 करोड़ रुपये वसूले गए, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि में वसूले गए 151.99 करोड़ रुपये से लगभग 20 प्रतिशत अधिक हैं।

183.16 करोड़ रुपये का दंड वसूला

दिसंबर 2025 में टिकट जांच पथकों ने 3.24 लाख यात्रियों को पकड़ा, जबकि दिसंबर 2024 में यह संख्या 2.93 लाख थी। इस माह दंड स्वरूप 18.25 करोड़ रुपये वसूले गए, जो पिछले वर्ष के 13.55 करोड़ रुपये की तुलना में लगभग 35 प्रतिशत अधिक है।

विभागवार विवरण

  • भुसावल विभाग: 7.54 लाख प्रकरण, 63.83 करोड़ रुपए
  • मुंबई विभाग: 12.82 लाख प्रकरण, 55.12 करोड़ रुपए
  • पुणे विभाग: 3.41 लाख प्रकरण, 20.84 करोड़ रुपए
  • नागपुर विभाग: 3.33 लाख प्रकरण, 20.75 करोड़ रुपए
  • सोलापुर विभाग: 1.81 लाख प्रकरण, 8.39 करोड़ रुपए
  • मुख्यालय: 1.83 लाख प्रकरण, 14.22 करोड़ रुपए

यात्रियों से आवाहन

मध्य रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत विक्रेताओं, स्टेशन बुकिंग काउंटर, स्वयंचलित टिकट मशीन या IRCTC वेबसाइट से जारी वैध टिकट के साथ ही यात्रा करें। यात्री अपने मोबाइल पर ‘रेल वन’ एप्लिकेशन डाउनलोड कर भी टिकट प्राप्त कर सकते हैं।

दंडनीय अपराध और शून्य सहनशीलता नीति

रेलवे ने स्पष्ट किया है कि टिकट बनाने या प्राप्त करने के लिए धोखाधड़ी का सहारा लेना भारतीय न्याय संहिता अधिनियम, 2023 के अंतर्गत दंडनीय अपराध है, जिसके लिए 7 वर्ष तक का कारावास, जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। मध्य रेलवे ने बिना टिकट यात्रा के विरुद्ध अपनी शून्य सहनशीलता नीति दोहराते हुए यात्रियों को आरामदायक और सम्मानजनक यात्रा सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया है।

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