
अजित पवार (सोर्स: सोशल मीडिया)
Pune News In Hindi: महाराष्ट्र में आगामी महानगर पालिका चुनावों की सरगर्मी के बीच उपमुख्यमंत्री अजित पवार को अपने ही गढ़ में जबरदस्त राजनीतिक झटका लगा है। राष्ट्रवादी कांग्रेस (अजित पवार गुट) के महत्वपूर्ण सहयोगी सचिन खरात ने गठबंधन से अलग होने की घोषणा कर दी है।
पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ में चुनाव प्रचार जब अपने चरम पर है, तब इस तरह साथ छूटना अजित पवार के ‘मिशन’ के लिए बड़ी बाधा माना जा रहा है। गठबंधन टूटने की मुख्य वजह सीटों का बंटवारा बताई जा रही है।
सचिन खरात ने स्पष्ट किया कि उन्होंने सम्मानजनक सीटों की उम्मीद में अजित पवार से मुलाकात की थी। खरात के अनुसार, ‘मैंने प्रस्ताव रखा था कि अगर हमें उचित संख्या में सीटें मिलती हैं, तभी गठबंधन संभव होगा।
हाल ही में पुणे महानगर पालिका चुनाव में आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों के परिजनों को टिकट देने पर अजित पवार धिरते नजर आए थे। उस वक्त उन्होंने बचाव करते हुए कहा था कि ये उम्मीदवार खरात गुट के माध्यम से आए हैं। हालांकि, अब खरात ने साफ कर दिया है कि वे किसी भी गलत कदम का हिस्सा नहीं बनेंगे और राजनीति में दो कदम पीछे हटना उन्हें मंजूर है।
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इस अलगाव के बाद खरात गुट ने घोषणा की है कि वे किसी भी दल या स्वतंत्र उम्मीदवार का समर्थन नहीं करेंगे, यह फैसला अजित पवार की एनसीपी के लिए चिता का विषय है, क्योंकि पुणे और पिंपरी-चिचवड़ उनके प्रभाव वाले क्षेत्र हैं और यहां एक-एक वोट की लड़ाई प्रतिष्ठा का प्रश्न बनी हुई है।






