
Akola Police:अकोला में युवती से छेड़छाड़ (सोर्सः सोशल मीडिया)
Balapur Police Station FIR Case: महाराष्ट्र के अकोला जिले में एक बेहद शर्मनाक मामला सामने आया है, जहाँ कानून और व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालने वाले एक पुलिस अधिकारी पर ही युवती के साथ छेड़छाड़ और बदसलूकी का आरोप लगा है।
अकोला पुलिस विभाग की छवि को धूमिल करने वाली यह घटना अकोला-खामगांव (मुंबई-नागपुर) राष्ट्रीय राजमार्ग पर घटी। रामदासपेठ पुलिस थाने में कार्यरत पुलिस उपनिरीक्षक (PSI) शंकर बोंडे को इस मामले में गिरफ्तार कर लिया गया है। इस घटना ने एक बार फिर महिलाओं की सुरक्षा और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पीड़ित महिला की उम्र 27 वर्ष है और वह मूल रूप से तेल्हारा तहसील की रहने वाली है। पीड़िता वर्तमान में बालापुर नगर परिषद में कार्यरत है और प्रतिदिन अकोला से बालापुर तक का सफर करती है। शिकायत के अनुसार, जब वह शाम को अपना काम खत्म कर घर लौट रही थी, तब आरोपी पीएसआई शंकर बोंडे ने शेलद फाटा से व्याला मार्ग पर स्थित जियो पेट्रोल पंप के पास उसका पीछा किया। आरोपी ने न केवल उसकी गाड़ी रोकी, बल्कि उसके साथ अश्लील शब्दों और इशारों का प्रयोग कर उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया।
स्थिति को बिगड़ते देख और अपनी सुरक्षा को खतरे में पाकर पीड़िता ने सूझबूझ दिखाई और तुरंत आपातकालीन नंबर ‘डायल 112’ पर कॉल किया। कॉल मिलने के कुछ ही मिनटों के भीतर पुलिस का दस्ता मौके पर पहुँच गया। पुलिस टीम ने पीड़िता को सुरक्षित बचाया और उसे बालापुर पुलिस थाने लेकर आई। पीड़िता के बयान के आधार पर आरोपी पीएसआई के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर आरोपी को तत्काल गिरफ्तार कर लिया गया।
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इस घटना के बाद अकोला पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। स्थानीय नागरिकों में इस बात को लेकर तीव्र आक्रोश है कि यदि पुलिस अधिकारी ही सड़कों पर महिलाओं को प्रताड़ित करेंगे, तो आम नागरिक खुद को सुरक्षित कैसे महसूस करेंगे? इस मामले की जांच महिला पुलिस उपनिरीक्षक माधुरी पाटिल को सौंपी गई है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि विभागीय जांच के साथ-साथ कानूनी प्रक्रिया को भी सख्ती से लागू किया जाएगा ताकि दोषी अधिकारी को कठोरतम सजा मिल सके।






