

Akola Farmers Loss: अकोला जिले के पातुर तहसील में किसानों द्वारा बोए गए बीजों का अंकुरण नहीं होने से हुए आर्थिक नुकसान के मामले में दो अलग-अलग बीज कंपनियों के खिलाफ पातुर पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। अकोला स्थित बीज विश्लेषण प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट में संबंधित बीजों को निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाए जाने के बाद कृषि विभाग की शिकायत पर यह कार्रवाई की गई।
पहले मामले में तहसील कृषि अधिकारी महादेव राऊत की शिकायत पर इंदौर (मध्य प्रदेश) स्थित ऑस्कर सीड्स प्रा।लि। के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955, बीज अधिनियम-1966, बीज नियम-1968 तथा भा.न्या.सं. की धारा 318 (4) के तहत मामला दर्ज किया गया है। बताया गया कि 6 से 14 जुलाई 2026 के बीच किसानों से बड़ी संख्या में बीज अंकुरित नहीं होने की शिकायतें प्राप्त हुई थीं। शिकायतों के आधार पर बीजों के नमूने जांच के लिए भेजे गए, जिनकी रिपोर्ट में बीज मानक के अनुरूप नहीं पाए गए।
इसी तरह दूसरे मामले में पंचायत समिति पातुर के बीज निरीक्षक एवं कृषि अधिकारी जयंत सोनोने की शिकायत पर मध्य प्रदेश की ओसवाल सीड्स एंड केमिकल्स लि। के खिलाफ भी आवश्यक वस्तु अधिनियम, बीज अधिनियम, बीज नियम तथा बीएनएस की धारा 318 (4) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। इस कंपनी के बीजों को लेकर 28 जून से 3 जुलाई 2026 के बीच किसानों ने शिकायतें दर्ज कराई थीं। जांच के लिए भेजे गए नमूनों की रिपोर्ट में भी बीज निर्धारित गुणवत्ता के अनुरूप नहीं पाए गए।
कृषि विभाग के अनुसार, दोनों कंपनियों के बीजों की बुआई के बावजूद खेतों में अंकुरण नहीं हुआ, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। प्रयोगशाला की रिपोर्ट मिलने के बाद विभाग ने कानूनी कार्रवाई करते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, पातुर पुलिस ने दोनों मामलों में संबंधित कंपनियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कृषि विभाग ने किसानों से प्रमाणित एवं अधिकृत विक्रेताओं से ही बीज खरीदने तथा किसी भी प्रकार की शिकायत होने पर तत्काल विभाग को सूचना देने की अपील की है।