अकोला घरकुल योजना फेल? 1.60 लाख ब्रास रेत मांगी, मिली महज 437 ब्रास, लाभार्थियों का टूटा सपना

Akola Latest News: राज्य सरकार की विविध घरकुल योजनाओं के अंतर्गत सरकार ने लाभार्थियों को 5 ब्रास निशुल्क रेत देने का फैसला किया है। इस तरह समुचित रेत उपलब्ध करवाने में खनिकर्म विभाग फेल हुआ है।
Akola Latest News: राज्य सरकार की विविध घरकुल योजनाओं के अंतर्गत सरकार ने लाभार्थियों को 5 ब्रास निशुल्क रेत देने का फैसला किया है। इस तरह समुचित रेत उपलब्ध करवाने में खनिकर्म विभाग फेल हुआ है।
अकोला न्यूज
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Akola News: राज्य सरकार की विविध घरकुल योजनाओं के अंतर्गत सरकार का निर्णय है कि, पात्र लाभार्थियों को 5 ब्रास निशुल्क रेत दी जाए। इसके लिए ग्रामीण विकास यंत्रणा की ओर से मार्च माह में राजस्व विभाग के पास 1 लाख 60 हजार ब्रास रेत की मांग की गयी थी। तब से अब तक सिर्फ 437 ब्रास रेत उपलब्ध हुई है। इस तरह समुचित रेत उपलब्ध करवाने में खनिकर्म विभाग असफल रहा है, ऐसा चित्र दिखाई दे रहा है।

घरकुल योजना के अंतर्गत स्वामित्व धन न लगाते हुए 5 ब्रास तक रेत उपलब्ध करवाई जाए ऐसा आदेश राज्य सरकार द्वारा जारी किया गया है, उस अनुसार ग्रामीण विकास यंत्रणा की ओर से रेत की मांग का प्रस्ताव खनिकर्म विभाग के पास जून माह में प्रस्तुत किया गया था। लेकिन जिले में रेत घाट की नीलामी न होने से रेत उपलब्ध करवाने में कठिनाइयां आ रही थी। सितंबर माह में रेत निकालना शुरू हुआ है। लेकिन आज एक माह हो गया है और घरकुल के लाभार्थियों को रेत उपलब्ध नहीं हो सकी है।

आदेश का पालन नहीं हुआ

जून माह में राज्य के ग्राम विकास मंत्री जय कुमार गोरे अकोला जिले के दौरे पर आए थे। तब उन्होंने आदेश दिया था कि, रेत घाट की नीलामी प्रक्रिया होती रहेंगी लेकिन घरकुल योजना के अंतर्गत नियमानुसार लाभार्थियों को रेत उपलब्ध करवाई जाए, ऐसे स्पष्ट निर्देश उन्होंने खनिकर्म विभाग को दिए थे। इसके बावजूद खनिकर्म विभाग ने उनके उस आदेश पर अमल नहीं किया। जबकि अवैध रेत निकालने का काम शुरू है क्यों कि हाल ही में पिलकवाड़ी में रेत का अवैध स्टाक जब्त किया गया है।

15 रेत घाटों की नीलामी

पर्यावरण अनुमति प्राप्त होने के बाद 15 रेत घाटों की नीलामी की प्रक्रिया शुक्रवार से शुरू हो गयी है। इस कारण लोगों को निर्माण कार्य के लिए रेत मिलने का रास्ता साफ हो गया है। कुल 48,649 ब्रास रेत उपलब्ध होगी, जिसमें से खनिकर्म विभाग को 2 करोड़ से अधिक राजस्व मिलने की संभावना है। प्रति ब्रास करीब 600 रुपये से बोली लगेगी।

इस कारण नीलामी की प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद राजस्व के रूप में जमा होनेवाली रकम का आंकड़ा निश्चित होगा। जिसमें से 10 प्रश राशि यह विविध विकास कार्यों के लिए खर्च होगी। खनिकर्म विभाग द्वारा रेत घाटों का सर्वेक्षण किया गया था। दि। 14 मई 2025 को पर्यावरण विभाग की अनुमति मिली थी। लेकिन जून से सितंबर माह इस कालावधि में रेत निकालना बंद रहता है। इस कारण इसका लाभ नीलामी प्रक्रिया को नहीं हुआ है। अब नीलामी की प्रक्रिया घोषित हुई है।

कुल 48,651 ब्रास में से 10 प्रश यानि 4865 ब्रास रेत घरकुल के लिए आरक्षित रखी जाएगी। बची हुई रेत प्रति ब्रास 600 रुपये से नीलाम की जाएगी। जिले में कुल 37 रेत घाट है जिसमें से 15 रेत घाटों को पर्यावरण की अनुमति मिली है, जिनकी नीलामी होगी। पूर्णा, मन व कांचनपुर नालों की रेत उपलब्ध होगी। अकोला तहसील में कपिलेश्वर, वडद खु., एकलारा, कटियार, म्हैसांग, उगवा के रेत घाटों सहित अन्य रेत घाटों का समावेश है।