गड़चिरोली में रेत तस्करों पर लगेगी लगाम, आज से रेत घाटों की होगी ई-नीलामी, प्रशासन ने लिया फैसला

Sand Smugglers in Gadchiroli: पिछले कुछ महीनों से रेत घाटों की नीलामी प्रक्रिया अटकी पड़ी थी, जिसके चलते जिले में अवैध रेत खनन और चोरी के मामलों में भारी बढ़ोतरी हुई थी।
Sand Smugglers in Gadchiroli: पिछले कुछ महीनों से रेत घाटों की नीलामी प्रक्रिया अटकी पड़ी थी, जिसके चलते जिले में अवैध रेत खनन और चोरी के मामलों में भारी बढ़ोतरी हुई थी।
रेत तस्कर (सौजन्य-नवभारत)
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Gadchiroli News: रेत घाटों की नीलामी प्रक्रिया अटकी पड़ी थी, जिसके चलते जिले में अवैध रेत खनन और चोरी के मामलों में भारी बढ़ोतरी हुई थी। अब प्रशासन ने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए बुधवार से ई-नीलामी प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया है। जिलाधिकारी कार्यालय की खनिज शाखा की ओर से वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए गड़चिरोली जिले के कुल 21 रेत घाटों के लिए ई-निविदा और ई-नीलामी की अधिसूचना जारी की जा रही है।

यह नीलामी रेत नीति-2025 और राज्य स्तरीय पर्यावरण प्राधिकरण की स्वीकृति के अधीन आयोजित की जाएगी, ऐसी जानकारी जिलाधिकारी अविश्यांत पांडा ने दी। ई-निविदा ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से 29 अक्टूबर 2025 से स्वीकार की जाएगी। इच्छुक बोलीदाताओं के लिए 30 अक्टूबर 2025 को दोपहर 1 बजे ऑनलाइन/वेबिनार के जरिए प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा।

अंतिम ई-नीलामी प्रक्रिया 13 नवंबर

निविदा जमा करने की अंतिम तिथि 11 नवंबर 2025 दोपहर 1 बजे तक तय की गई है। तकनिकी लिफाफा 12 नवंबर 2025 को खोला जाएगा, और तकनीकी जांच के बाद वित्तीय लिफाफा खोला जाएगा। अंतिम ई-नीलामी प्रक्रिया 13 नवंबर 2025 को सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक चलेगी, जिसके बाद उच्चतम बोली की घोषणा की जाएगी। जिले के इन 21 रेत घाटों में कुल 1,04,382 ब्रास रेत उपलब्ध है। प्रति ब्रास 600 रुपये की दर से 90 प्रतिशत मात्रा के लिए कुल 5,63,66,280 रुपये की न्यूनतम कीमत तय की गई है।

उपविभागवार रेत घाटों की स्थिति

गड़चिरोली उपविभाग में 4 घाट, 19,858 ब्रास रेत, वार्षिक टर्नओवर 3 करोड़ रुपये, देसाईगंज उपविभाग में 4 घाट, 22,280 ब्रास रेत, टर्नओवर 4 करोड़ रुपये, अहेरी उपविभाग में 11 घाट, 56,308 ब्रास रेत, टर्नओवर 5 करोड़ रुपये, कुरखेडा उपविभाग में 2 घाट, 5,936 ब्रास रेत, टर्नओवर 1 करोड़ रुपये।

आवास योजना के लाभार्थियों नि:शुल्क रेत

नीलामी धारकों के लिए यह अनिवार्य होगा कि वे खुदाई की गई रेत में से अधिकतम 10 प्रतिशत रेत प्रधानमंत्री आवास योजना तथा वित्तीय रूप से कमजोर वर्गों के घरकुल लाभार्थियों को नि:शुल्क उपलब्ध कराएं। नीलामी से पहले रेत भंडार, परिवहन मार्ग तथा मिट्टी की गुणवत्ता की जांच करना संबंधित नीलामी धारक की जिम्मेदारी होगी। एक बार कब्जा लेकर खुदाई शुरू करने के बाद किसी प्रकार की शिकायत स्वीकार नहीं की जाएगी। साथ ही रेत घाट बदलने या जमा की गई राशि वापस करने का अनुरोध भी नहीं माना जाएगा, यह आदेश जिला खनन अधिकारी इमरान शेख ने जारी किया है।

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