डॉ. बाबासाहब आंबेडकर के अपमान पर अकोला में उबाल; मंत्री गिरीश महाजन के खिलाफ कार्रवाई की मांग

Akola News: डॉ. बाबासाहब आंबेडकर का नाम न लेने पर मंत्री गिरीश महाजन के खिलाफ अकोला में आक्रोश। भीमशक्ति और वंचित आघाड़ी ने एट्रॉसिटी और गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रशासन को निवेदन सौंपा।
Akola district erupts over 'insult' to Dr. Babasaheb Ambedkar; demands action against Minister Girish Mahajan
मंत्री गिरीश महाजन के खिलाफ कार्रवाई की मांग (सोर्स: नवभारत)
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Girish Mahajan Controversy: प्रजासत्ताक दिवस के शासकीय कार्यक्रम में संविधान के शिल्पकार भारतरत्न डॉ. बाबासाहब आंबेडकर का नाम जानबूझकर उल्लेख न करने के विरोध में भीमशक्ति सामाजिक संगठन, अकोला तथा अशोक प्रतिष्ठान की ओर से महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के नाम जिलाधिकारी अकोला को तीव्र शब्दों में निवेदन सौंपा गया।

संगठन ने आरोप लगाया कि नाशिक में आयोजित मुख्य शासकीय कार्यक्रम में राज्य के ग्रामविकास मंत्री गिरीश महाजन ने अपने भाषण में डॉ. आंबेडकर का उल्लेख नहीं किया, जो संविधान निर्माता का अपमान है। निवेदन में कहा गया कि फुले-शाहू-आंबेडकर के पुरोगामी विचारों पर खड़े महाराष्ट्र में ऐसी घटना केवल लापरवाही नहीं, बल्कि जातीय मानसिकता से प्रेरित जानबूझकर की गई कार्रवाई प्रतीत होती है।

कार्यक्रम स्थल पर सवाल उठाने वाली वन विभाग की महिला कर्मचारियों दर्शना सौपुरे और माधुरी जाधव पर की गई पुलिस कार्रवाई का भी संगठन ने तीव्र निषेध किया। संगठन का कहना है कि संविधान की रक्षा के लिए आवाज उठाना अनुशासनभंग नहीं, बल्कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 51-ए के तहत निभाया गया मूलभूत कर्तव्य है।

संगठन ने की राज्य के मुख्यमंत्री से ठोस मांगें

संगठन ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि ग्रामविकास मंत्री गिरीश महाजन संविधानवादी और आंबेडकरी समाज से सार्वजनिक माफी मांगें, दर्शना सौपुरे और माधुरी जाधव पर की गई सभी कार्रवाई तत्काल वापस ली जाए तथा प्रजासत्ताक दिवस पर सभी शासकीय कार्यालयों में ध्वजारोहण के बाद भारतरत्न डॉ. बाबासाहब आंबेडकर का उद्घोष और प्रतिमा पूजन अनिवार्य किया जाए।

निवेदन सौंपते समय प्रा. विजय आठवले, प्रदेश महासचिव मधुसूदन भटकर, अनिल तायडे, प्रा. सुनील कांबले, विद्याधर मोहोड, अनिल गवई, संदेश गवई, किशोर शिरसाट, बालकृष्ण शिरसाट और शंकर वानखडे उपस्थित थे।

आंदोलन की चेतावनी

संगठन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि मांगें तुरंत स्वीकार नहीं की गईं तो अकोला जिले में तीव्र और व्यापक आंदोलन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी शासन की होगी।

इधर, वंचित बहुजन आघाड़ी, अकोट तहसील की ओर से भी राज्य के मंत्री और नाशिक जिले के पालकमंत्री गिरीश महाजन पर एट्रॉसिटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर तत्काल गिरफ्तारी की मांग की गई है। यह निवेदन तहसील अध्यक्ष चरण इंगले और महासचिव रोशन पुंडकर के मार्गदर्शन में अकोट के तहसीलदार को सौंपा गया।

पार्टी का आरोप है कि कार्यक्रम में उपस्थित महिला वन विभाग अधिकारियों माधवी जाधव और दर्शना सौपुरे ने मंत्री को डॉ. आंबेडकर का नाम लेने की याद दिलाई, लेकिन इसे अनदेखा किया गया। इस दौरान प्रदीप वानखडे, काशिराम साबले, पार्षद इमरान पठान, पार्षद लता कांबले, सुरेंद्र ओईंबे, नीलेश झाडे, संभा थोरात, प्रदीप चोरे, मंगला खंडारे और प्रशांत मानकर सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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