नवी मुंबईकरों को चाहिए और पानी, पनवेल व आसपास पानी की कमी का मुद्दा विधानसभा में उठा

Navi Mumbai Water Shortage: नवी मुंबई, पनवेल और आसपास के क्षेत्रों में बढ़ती आबादी के कारण पानी की कमी का मुद्दा विधानसभा में उठा।
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Navi Mumbai water demand (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Panvel Wate Crrisis: मुंबई, पनवेल और आसपास की जनसंख्या में तेजी से वृद्धि के कारण पानी की कमी महसूस हो रही है। इसी मुद्दे को लेकर सोमवार को महाराष्ट्र विधानसभा में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लाया गया।

राज्य के नगर विकास राज्य मंत्री माधुरी मिसाल ने विधानसभा में जानकारी देते हुए बताया कि शहर और औद्योगिक विकास निगम (सिडको) क्षेत्र में प्रतिदिन 342 मिलियन लीटर पानी की आपूर्ति हो रही है, जबकि कुल 365 मिलियन लीटर पानी की जरूरत है। यानी करीब 30 मिलियन लीटर पानी की कमी है, जिसे दूर करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।

नए सिस्टम बनाने की तैयारी के लिए पानी वितरण की तैयारी

प्रशांत ठाकुर द्वारा पनवेल नगर निगम क्षेत्र में पानी की कमी को लेकर लाए गए ध्यानाकर्षण के प्रस्ताव के जवाब में मंत्री ओझा ने कहा कि पनवेल नगर निगम क्षेत्र में भी पानी वितरण के लिए एक विशेष प्रणाली विकसित करने पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस विषय पर जल्द ही मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़णवीस की राष्ट्रपति भवन में बैठक आयोजित की जाएगी।

इन इलाक़ों में अधिक समस्या

मंत्री उदाहरण के अनुसार खारघर, कामोठे, न्यू पनवेल और तलोजा क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति में अपेक्षाकृत अधिक कमी महसूस हो रही है। सिदको को पातालगंगा, मोरबे बांध, हेतवाने बांध और बारवी बांध जैसे संसाधनों से कुल 342 मिलियन लीटर पानी मिल रहा है। उन्होंने बताया कि मोरबे डैम से 59 मिलियन लीटर पानी मिल रहा है, जबकि इस प्रोजेक्ट पर सिडको ने पहले 108 करोड़ रुपये खर्च किये थे। इसलिए नवी मुंबई की ओर से मांग की जा रही है कि मोरबे बांध से 90 मिलियन लीटर पानी दिया जाए या खर्च किया जाए।

नई परमाणु ऊर्जा संयंत्र

मंत्री ने कहा कि मोरबे बांध में लगभग 100 मिलियन लीटर पानी उपलब्ध है। यदि यह पानी दिसंबर तक सिडको दिया जाता है, तो शेष कमी को काफी हद तक पूरा किया जा सकता है।इसके अलावा जवाहरलाल नेहरू पोर्ट अथॉरिटी (जेएनपीए) पाइपलाइन का काम पूरे होने के बाद वर्तमान में मिल रहे 14 मिलियन लीटर पानी को अन्य क्षेत्रों में भी करने का फैसला ले सकती है।

साथ ही, न्हावा शेवा परियोजना का तीसरा चरण दिसंबर तक पूरा होने की उम्मीद है, जिससे सिडको को लगभग 69 मिलियन लीटर अतिरिक्त पानी उपलब्ध होगा। इससे जनसंख्या और स्थिर पानी की कमी को दूर करने में मदद मिलेगी।

मुख्यमंत्री अंतिम निर्णय

मंत्री रफीच मिशेल ने कहा कि इन सभी गांवों से सिडको क्षेत्र में पानी की आपूर्ति की स्थिति में सुधार होगा। इसके अलावा पानी आपूर्ति प्रबंधन के लिए ऑटोमेशन सिस्टम लागू करने की भी योजना है। पनवेल नगर निगम से पानी की आपूर्ति के संबंध में भी निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि सभी समाजवादी पार्टी के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़नवीस के साथ बैठक के बाद जल्द ही कोई ठोस निर्णय लिया जाएगा। इस चर्चा में विधायक महेश बाल्दी ने भी हिस्सा लिया।

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