अकोला में 17 किसान आत्महत्या मामले स्वीकृत, 3 अपात्र घोषित, जल्द मिलेगी सहायता राशि

Akola News: अकोला में किसानों की आत्महत्याएं चिंता का विषय बनी हुई हैं। जिला समिति की बैठक में 20 मामलों की समीक्षा हुई, जिनमें 17 को सहायता योग्य माना गया और 3 को खारिज कर दिया गया।
Farmer Suicide
(प्रतीकात्मक तस्वीर)
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Akola Farmer Suicide Cases: अकोला जिले में फसल की बर्बादी, भारी कर्ज और बढ़ती लागत के कारण किसानों की आत्महत्याएं लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे मामलों में पीड़ित परिवारों को सरकारी सहायता प्रदान करने के लिए, जिलाधिकारी कार्यालय में किसान आत्महत्या पीड़ित समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में कुल 20 मामलों की समीक्षा की गई, जिनमें से 17 मामलों को सहायता के लिए पात्र घोषित किया गया, जबकि तीन मामलों को सरकारी मानदंडों के अनुरूप न होने के कारण अस्वीकार कर दिया गया।

बैठक की अध्यक्षता स्वयं जिलाधिकारी ने की, जिसमें समिति के सभी सदस्य उपस्थित थे। समीक्षा के दौरान, यह पाया गया कि किसान आत्महत्या के पीछे कई प्रमुख कारण थे, जिनमें कीटनाशकों और रोग प्रतिरोधक खर्च के बावजूद फसलों का बर्बाद होना, साहूकारों और बैंकों से लिया गया कर्ज, लागत की तुलना में कम उत्पादन और गंभीर मानसिक तथा आर्थिक दबाव शामिल हैं।

किसान परिवार को 1 लाख की आर्थिक सहायता

सरकार द्वारा निर्धारित मानदंडों के अनुसार, पात्र पाए गए प्रत्येक किसान परिवार को ₹1 लाख की आर्थिक सहायता सीधे प्रदान की जाएगी। बैठक में जिन 17 किसानों के प्रकरणों को सहायता के लिए मंजूरी दी गई, उनमें निम्नलिखित नाम शामिल हैं:

तहसील मूर्तिजापुर: शुभम मानकर (दापुरा), सागर मुले (वाईमाना), वैशाली साबले (निराजनापुर), अनिल देशमुख (राजनापुर खि), संजय हिवराले (सांगवी), विजय धर्माले (पारद)।

तहसील पातुर: काशीराम हातोले (गावंडगांव), किसन जाधव (गावंडगांव), प्रमोद ताले (सायवाणी), मुक्ताबाई पांडे (झरंडी), दिनकर बारड (सस्ती)।

तहसील अकोला: दिलीप गावंडे (बाभुलगांव), राहुल कोरडे (उगवा), विठ्ठल बानाईत (राजुरा), रविंद्र सोनोने (अकोली)।

तहसील अकोट: दिलीप इंगले (कासली बु.), गणेश डाफे (रामपुर धारूर)।

इन सभी किसान आत्महत्याओं के मामलों में, सरकार द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के तहत जल्द ही सहायता राशि वितरित की जाएगी। वहीं, जिन तीन मामलों को अपात्र घोषित किया गया है, उनकी जानकारी संबंधित विभागों को भेज दी गई है। यह कदम आत्महत्या से पीड़ित परिवारों को कुछ हद तक राहत प्रदान करेगा और सरकारी मदद का मार्ग प्रशस्त करेगा।

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