अहिल्यानगर जिले में 3 दिन का ‘येलो अलर्ट’; बाढ़ प्रभावित तालुकाओं में भय का माहौल
Ahilyanagar District Yellow Alert: भारतीय मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार अहिल्यानगर जिले में बिजली गिरने, तेज हवाएं चलने और भारी बारिश की संभावना जताई गई है साथ ही नागरिकों से रहें सतर्क रहने की।
- Written By: आंचल लोखंडे
अहिल्यानगर जिले में 3 दिन का 'येलो अलर्ट (सौजन्यः सोशल मीडिया)
Ahilyanagar News: भारतीय मौसम विभाग ने 26 से 28 सितंबर तक तीन दिनों तक ज़िले में बिजली गिरने, तेज़ हवाएँ चलने और भारी बारिश होने की संभावना जताई है। इसे देखते हुए ज़िला प्रशासन ने ज़िले के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी कर नागरिकों को सतर्क रहने की चेतावनी दी है। इस बीच, तीन और दिनों तक बारिश की संभावना के चलते पाथर्डी, शेवगाँव, जामखेड, कर्जत आदि बाढ़ प्रभावित तालुकाओं में दहशत फैल गई है। पिछले दस दिनों से ज़िले भर में बारिश हो रही है।
पाथर्डी, शेवगाँव, जामखेड, कर्जत, नगर, पारनेर आदि तालुकाओं में भारी बारिश और मूसलाधार बारिश के कारण लाखों हेक्टेयर खरीफ की फसलें बर्बाद हो गई हैं। सड़कें जलमग्न हो गई हैं, करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है और बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। इस प्राकृतिक आपदा से अस्त-व्यस्त हुआ सामान्य जनजीवन अभी तक स्थिर नहीं हो पाया है। ऐसे में नागरिकों में दहशत फैल गई है क्योंकि शुक्रवार से तीन दिन और भारी बारिश होगी।
बाढ़ का खतरा
पुणे, नासिक और अहिल्यानगर जिलों में बांधों से पानी छोड़े जाने की संख्या बढ़ गई है। इसके कारण जिले से होकर बहने वाली नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है, इसलिए जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने नदी किनारे रहने वाले नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है।
सम्बंधित ख़बरें
कोपरगांव नगर पालिका का प्री-मानसून ड्रेन सफाई अभियान शुरू, मेयर पराग संधान ने किया शुभारंभ
अहिल्यानगर के अकोले में 55 नाबालिग बनी मां, अदिति तटकरे के विभाग पर उठा सवालिया निशान
डिनर टेबल पर पसरा सन्नाटा, आमरस खाते ही एक-एक कर गिरने लगे परिवार के सदस्य, भाई की सतर्कता ने बचाई जान
तूफान और बारिश से अंदरसूल सहित कई गांव प्रभावित, भारी नुकसान के बीच देवलाणे में छत गिरने से 3 घायल
गरज, बिजली या तूफान के दौरान नागरिकों को पेड़ों के नीचे या उनके आस-पास नहीं खड़ा होना चाहिए। यदि नदियों, नालों और नहरों पर बने पुलों और तटबंधों के ऊपर से पानी बह रहा हो, तो जिला प्रशासन ने लोगों से पुलों और तटबंधों को पार न करने और अपने जानवरों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की अपील की है।
ये भी पढ़े: अहिल्यानगर के सुपा में डकैत गिरोह गिरफ्तार, मुंबई में व्यवसायी हत्याकांड का पर्दाफाश
नदी घाटियों में जल विसर्ग
वर्तमान में, भीमा नदी पर दौंड पुल से 15,385 क्यूसेक, गोदावरी नदी पर नंदुर मध्यमेश्वर बांध से 6,310 क्यूसेक, प्रवरा नदी पर ओजर बैराज से 1,156 क्यूसेक, मुला बांध से 1,200 क्यूसेक, घोड़ बांध से 5,000 क्यूसेक, सिना बांध से 4,604 क्यूसेक, कुकड़ी नदी पर येडगांव बांध से 500 क्यूसेक, हंगा नदी पर विसापुर बांध से 650 क्यूसेक और खैरी बांध से 922 क्यूसेक जल-त्याग किया जा रहा है।
