अहिल्यानगर के सुपा में डकैत गिरोह गिरफ्तार, मुंबई में व्यवसायी हत्याकांड का पर्दाफाश

Ahilyanagar News: अहिल्यानगर और मुंबई में पुलिस ने दो बड़े अपराधियों को पकड़ा है। डकैत गिरोह और व्यवसायी हत्या केस में फरार आरोपी गिरफ्तार करने में पुलिस को सफलता मिली है।
Dacoit gang arrested in Supa in Ahilyanagar businessman murder in Mumbai
पुलिस के साथ गिरफ्तार आरोपी (सोर्स: IANS)
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Maharashtra Crime News: महाराष्ट्र के दो अलग-अलग शहरों में पुलिस ने हाल ही में दो बड़ी आपराधिक मामलों का खुलासा कर जनता में सुरक्षा का भरोसा फिर से कायम किया है। एक ओर जहां अहमदनगर जिले के सुपा इलाके में लंबे समय से दहशत फैलाने वाले डकैत गिरोह को क्राइम ब्रांच ने धर दबोचा, वहीं दूसरी ओर मुंबई में व्यवसायी अयूब सैयद की हत्या के मामले में फरार आरोपी की गिरफ्तारी से सनसनीखेज साजिश का पर्दाफाश हुआ।

सुपा में डकैती की तैयारी में थे आरोपी

अहिल्यानगर के सुपा क्षेत्र में नगर-पुणे हाइवे के चास घाट इलाके में डकैती की योजना बना रहे पांच कुख्यात अपराधियों को क्राइम ब्रांच ने घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने इनके पास से एक इनोवा कार, पिस्तौल, जिंदा कारतूस और डकैती में इस्तेमाल होने वाले अन्य सामान समेत लगभग ₹8 लाख का माल जब्त किया। गिरोह का सरगना लंबे समय से इलाके में आतंक का पर्याय बना हुआ था।

गांव में घुमाकर निकाला जुलूस

गिरोह की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने एक अनोखा कदम उठाते हुए आरोपियों को गांव में बारात की तरह जुलूस निकालकर पूरे इलाके में घुमाया। इस कार्रवाई का उद्देश्य जनता को यह दिखाना था कि अपराधियों की गुंडागर्दी अब खत्म हो चुकी है। इस दृश्य ने स्थानीय लोगों को राहत दी और हाईवे पर सफर करने वाले यात्रियों ने भी सुकून की सांस ली।

मुंबई में व्यवसायी हत्याकांड का खुलासा

गुरुवार को मुंबई पुलिस ने कांदिवली के चारकोप इलाके में हुए व्यवसायी अयूब सैयद की हत्या मामले में फरार आरोपी शहनवाज कुरैशी को गोवंडी से गिरफ्तार किया। पुलिस जांच में सामने आया कि अयूब की हत्या उनके छोटे बेटे हामिद अयूब सैयद (41) और बिजनेस पार्टनर शानू मुश्ताक चौधरी (40) ने मिलकर करवाई थी। अब तक इस मामले में कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

लालच और अपमान से उपजी हत्या की साजिश

पुलिस के अनुसार, करोड़ों की संपत्ति के मालिक अयूब सैयद की हत्या के लिए आरोपियों को ₹6.5 लाख की सुपारी दी गई थी। हामिद, जो आर्थिक तंगी से जूझ रहा था, जब भी पिता से पैसे मांगता, उसे अपमानित किया जाता। इसी नाराजगी और लालच में उसने पिता को रास्ते से हटाने का निर्णय लिया और शानू को साजिश में शामिल कर लिया। शहनवाज कुरैशी, जो पहले भी हत्या के मामले में आरोपी रह चुका है, को इस काम के लिए चुना गया।

पुलिस की सक्रियता से जनता में भरोसा

इन दोनों मामलों में पुलिस की तत्परता और रणनीतिक कार्रवाई ने न केवल अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया, बल्कि जनता में सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर विश्वास भी बढ़ाया है। सुपा की कार्रवाई ने ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिस की सख्ती का संदेश दिया, वहीं मुंबई की जांच ने पारिवारिक विवादों से उपजी गंभीर आपराधिक साजिश को उजागर किया।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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