25% आरटीई सीट में बड़ा बदलाव, नियम तोड़े तो मान्यता रद्द; 2027 से पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन
Chhatrapati Sambhajinagar RTE Admission: आरटीई प्रवेश प्रक्रिया में बड़ा बदलाव हुआ है। 2027-28 से जनवरी से अप्रैल तक पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी और नियम तोड़ने वाले स्कूलों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
- Written By: अंकिता पटेल
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
School Registration Education Policy: छत्रपति संभाजीनगर आरटीई प्रवेश प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए राज्य सरकार ने 16 जनवरी 2025 का पूर्व निर्णय रद्द कर दिया है। अब नई मार्गदर्शक सूचनाओं के अनुसार प्रक्रिया लागू की जाएगी। शैक्षणिक वर्ष 2027-28 से पूरी प्रवेश प्रक्रिया जनवरी से अप्रैल के बीच ऑनलाइन माध्यम से संचालित की जाएगी।
नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों के विरुद्ध मान्यता रद्द करने तक की कार्रवाई की जाएगी। नई अधिसूचना के अनुसार शिक्षा अधिकारी (प्राथमिक) अपने कार्यक्षेत्र में 25 प्रतिशत प्रवेश के लिए पात्र स्कूलों की सूची निर्धारित करेंगे।
यह सूची तथा प्रवेश का संपूर्ण समय-निर्धारण स्थानीय समाचार पत्रों में प्रकाशित करना अनिवार्य रहेगा, साथ ही ग्राम पंचायत, पंचायत समिति, जिला परिषद और महानगरपालिका स्तर पर नोटिस बोर्ड, बैनर और पत्रकों के माध्यम से जानकारी प्रसारित की जाएगी।
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25 प्रतिशत प्रवेश के लिए पात्र सभी स्कूलों को ऑनलाइन प्रक्रिया में भाग लेना अनिवार्य होगा। स्कूलों को अपने परिसर के प्रमुख स्थान पर प्रवेश संबंधी सूचना फलक लगाना भी आवश्यक होगा।
जो स्कूल पंजीकरण नहीं करेंगे उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वर्ष 2027-28 से प्रत्येक वर्ष जनवरी में आवेदन प्रक्रिया शुरू होकर अप्रैल अंत तक पूरी की जाएगी। विस्तृत समय-सारणी शिक्षा संचालक स्तर से घोषित की जाएगी।
इन परिस्थितियों में होगी दंडात्मक कार्रवाई
- पात्र होने के बावजूद आरटीई पोर्टल पर पंजीकरण न करना।
- लॉटरी से अलॉट हुए विद्यार्थी को जानबूझकर प्रवेश से वंचित करना।
- अभिभावकों की शिकायत सही पाए जाने पर।
- आरटीई 25 प्रतिशत ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया में स्कूल दोषी पाए जाने पर।
- सरकार ने स्पष्ट किया है कि पारदर्शिता और समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए नियमों का सख्ती से पालन किया जाएगा।
फर्जी दस्तावेज पाए जाने पर प्रवेश किए जाएंगे निरस्त
उपसचिव तुषार महाजन ने बताया बनावट या फर्जी दस्तावेज पाए जाने पर प्रवेश तुरंत निरस्त किया जाएगा तथा संबंधित अभिभावकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी, प्रवेशित विद्यार्थियों की संख्या के आधार पर शुल्क प्रतिपूर्ति की गणना भी प्रणाली से की जाएगी, शासन द्वारा निर्धारित दर अथवा स्कूल की दर दोनों में से जो कम होगी, उसी दर से प्रतिपूर्ति दी जाएगी।
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अभिभावकों को एसएमएस के माध्यम से जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी, एक किलोमीटर के दायरे में आने वाले स्कूलों को प्राथमिकता दी जाएगी तथा अभिभावकों को अधिकतम 10 स्कूलों का विकल्प चुनने की अनुमति होगी, लॉटरी में चयन होने के बाद स्कूल परिवर्तन की अनुमति नहीं होगी।
जाति प्रमाणपत्र, आय प्रमाणपत्र तथा 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यागता प्रमाणपत्र आवश्यक है। तलाकशुदा, विधवा, अनाथ और दिव्यांग बच्चों के लिए अलग से दस्तावेजों की व्यवस्था की गई है।
