मनपा की पहल: वैज्ञानिक उपचार से स्वच्छ बनी खाम नदी, दुर्गंध हुई खत्म बदला नजारा
Chhatrapati Sambhajinagar River Revival: खाम नदी पुनरुद्धार परियोजना से छत्रपति संभाजीनगर में पानी की गुणवत्ता सुधरी है। दुर्गंध खत्म होकर नदी फिर से स्वच्छ बहने लगी है।
- Written By: अंकिता पटेल
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Chhatrapati Sambhajinagar Water Quality Improvement: छत्रपति संभाजीनगर शहर के पर्यावरण संरक्षण और खाम नदी के पुनर्जीवन के लिए चल रही महत्वाकांक्षी ‘खाम नदी पुनरुद्धार परियोजना’ का हाल ही में महानगरपालिका आयुक्त जी. श्रीकांत और महापौर समीर राजूरकर ने संयुक्त रूप से निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने जंगलेश्वर महाराज छावनी क्षेत्र स्थित नदीपात्र तथा मंदिर परिसर का विस्तृत अवलोकन किया और प्रकल्प की प्रगति की समीक्षा की। आयुक्त ने बताया कि मनपा प्रशासन द्वारा सांडपानी पर वैज्ञानिक प्रक्रिया कर उसे शुद्ध करने के बाद नदी में छोड़ा जा रहा है।
इसके परिणामस्वरूप नदी के पानी की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। वर्षों से बनी हुई दुर्गंध अब पूरी तरह समाप्त हो चुकी है और नदी का पानी स्वच्छ होकर कलकल बहता दिखाई दे रहा है।
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मनपा आयुक्त व महापौर ने उठाया बड़ा कदम
हरित पट्टियां विकसित करने, घाटों की मरम्मत तथा सार्वजनिक उपयोग के लिए स्वच्छ वातावरण तैयार करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। प्रशासन का उद्देश्य केवल जल शुद्धिकरण तक सीमित नहीं, बल्कि नदीं को शहर की पहचान और आकर्षण का केंद्र बनाना है।
आयुक्त जी. श्रीकांत ने कहा कि खाम नदी का पुनर्जीवन शहर के पर्यावरणीय संतुलन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। स्वच्छ नदी न केवल जल स्रोत के रूप में उपयोगी होगी, बल्कि आसपास के क्षेत्र में स्वास्थ्य और स्वच्छता की स्थिति भी बेहतर करेगी, दुर्गंध समाप्त होने से स्थानीय नागरिकों को बड़ी राहत मिली है।
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निरीक्षण के दौरान उपायुक्त नंदकिशोर बोबे, अतिरिक्त आयुक्त रणजीत पाटील, उपायुक्त लकीचंद चव्हाण, अंकुश पांढरे, महानगरपालिका के कार्यकारी अभियंता ग. बी. देशमुख, अभय प्रामाणिक सहित विभिन्न विभागों के प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे।
अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि कार्य की गुणवत्ता बनाए रखते हुए परियोजना को निर्धारित समय सीमा में पूर्ण किया जाए, प्रशासन ने संकेत दिए है कि आगामी चरणों में नदी के किनारों को और अधिक आकर्षक बनाया जाएगा तथा नागरिकों की सहभागिता भी सुनिश्चित की जाएगी।
