Samata Patsanstha Scam (सोर्सः सोशल मीडिया)
Samata Patsanstha Scam: राहाता शहर में एक बड़ी घटना सामने आई है, जिसने कोऑपरेटिव सेक्टर को हिलाकर रख दिया है। समता पतसंस्था की रहाता शाखा के आसपास संदेह का माहौल बन गया है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की एक टीम ने अचानक शाखा पर छापा मारकर जांच शुरू की। इस बीच, जिले के पालक मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल ने कहा है कि इस मामले की पूरी और निष्पक्ष जांच की जाएगी। पूरे दिन राहाता तालुका में इस कार्रवाई को लेकर चर्चाएं होती रहीं।
इस मामले को और गंभीर बनाने वाली बात यह है कि राहाता पुलिस स्टेशन में शाखा के प्रशासक (ब्रांच एडमिनिस्ट्रेटर) के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है। इस विवाद से जुड़े एक खाताधारक ने चौंकाने वाला दावा किया है कि उसके नाम पर खोला गया बैंक खाता फर्जी है।
इस शिकायत के बाद ईडी ने तुरंत कार्रवाई करते हुए फर्जी खातों से जुड़े दस्तावेज जब्त कर लिए हैं। सूत्रों के मुताबिक, जांच टीम कई अहम दस्तावेज और सबूत भी अपने साथ ले गई है। यह छापेमारी कथित धोखाधड़ी के आरोपी अशोक खरात से जुड़े मामले की पृष्ठभूमि में की गई है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, संदिग्ध खातों के जरिए करोड़ों रुपये के लेन-देन की आशंका जताई जा रही है।
जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ खातों में एक ही व्यक्ति को बार-बार नॉमिनी बनाया गया था। इन लेन-देन के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग की आशंका को लेकर जांच की जा रही है। ईडी टीम ने शाखा के प्रशासकों और कर्मचारियों से विस्तृत पूछताछ की।
खाता खोलने की प्रक्रिया, केवाईसी सत्यापन, धन के स्रोत और लेन-देन की पूरी श्रृंखला की बारीकी से जांच की जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इतनी बड़ी संख्या में संदिग्ध या फर्जी खाते कैसे खोले गए, इसके पीछे मास्टरमाइंड कौन था और इन जटिल वित्तीय लेन-देन का असली उद्देश्य क्या था।
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इस बीच, एक शिकायत के आधार पर स्थानीय पुलिस भी स्वतंत्र जांच कर रही है। ईडी की कार्रवाई से मामले की गंभीरता और बढ़ गई है। राहाता में हुई इस कार्रवाई ने कोऑपरेटिव सेक्टर में पारदर्शिता, जवाबदेही और नियमन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब पूरे जिले की नजर इस बात पर है कि जांच में आगे कौन-कौन से बड़े नाम सामने आते हैं और ईडी की जांच से और कौन से चौंकाने वाले तथ्य उजागर होते हैं।
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए पालक मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल ने कहा, “मुझे अभी इस मामले की पूरी जानकारी नहीं मिली है, लेकिन यह मामला गंभीर है। फिलहाल एसआईटी जांच कर रही है और अब ईडी भी इसमें शामिल हो गई है। इसके पीछे असली मास्टरमाइंड कौन है और खातों का संचालन वास्तव में कौन कर रहा था, यह पता लगाने के लिए गहन जांच की जा रही है। यह एक हाई-लेवल जांच है और निश्चित रूप से निष्पक्ष होगी।”
ईडी की छापेमारी के बाद कई खाताधारक शाखा पहुंचे और अपने जमा धन की सुरक्षा के बारे में जानकारी लेने लगे। जानकारी यह भी सामने आ रही है कि कुछ लोगों ने अपनी जमा राशि निकालना शुरू कर दिया है, जबकि कुछ ने अपने लॉकर भी खुलवाए हैं। अब आम नागरिकों के मन में एक ही सवाल है क्या उनकी जीवन भर की जमा-पूंजी सुरक्षित है?