Pune में जल संकट गहराया, मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल ने दी 15% पानी कटौती की चेतावनी

Pune Water Management: पुणे में संभावित जल संकट को देखते हुए मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल ने 15% पानी कटौती का प्रस्ताव रखा है। मनपा को चेतावनी दी गई है कि लापरवाही से हालात और गंभीर हो सकते हैं।
Pune Equitable Water Supply Project
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Pune Water Supply Crisis: पुणे शहर में बढ़ते जल संकट को लेकर राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। जल संसाधन मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल ने महानगरपालिका को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल प्रबंधन में सुधार नहीं किया गया, तो इसका सीधा असर नागरिकों पर पड़ेगा।

कम वर्षा की संभावना को देखते हुए जल संसाधन विभाग ने अगस्त तक पानी का स्टॉक सुरक्षित रखने के लिए 15 प्रतिशत कटौती का प्रस्ताव दिया है। मंत्री ने इसे जनहित में लिया गया निर्णय बताया, हालांकि इसे लागू करने का अंतिम अधिकार मनपा के पास रहेगा।

अल-नीनो का दिखेगा असर

मंत्री ने बताया कि इस वर्ष अल-नीनो के प्रभाव के कारण औसत से कम बारिश होने की संभावना है। ऐसे में उपलब्ध जल भंडार को सावधानीपूर्वक उपयोग करना जरूरी हो गया है। वर्तमान में शहर के लिए उपलब्ध 18 टीएमसी पानी को भविष्य की जरूरतों के लिए पर्याप्त नहीं माना जा रहा है।

कोटा बढ़ाने के संकेत

बढ़ती आबादी और जल मांग को ध्यान में रखते हुए सरकार ने पानी का कोटा बढ़ाने के संकेत भी दिए हैं। मंत्री ने कहा कि यदि मनपा जल कर के बकाया दंड और ब्याज की राशि एकमुश्त जमा करती है, तो राज्य सरकार इस दिशा में सकारात्मक निर्णय ले सकती है।

Pune मनपा पर जिम्मेदारी का दबाव

महाराष्ट्र कृष्णा खोरे विकास महामंडल की बैठक के बाद मंत्री ने स्पष्ट किया कि जल संकट से निपटने के लिए स्थानीय प्रशासन की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। यदि मनपा सक्रिय सहयोग नहीं करती है, तो आने वाले दिनों में स्थिति और भी गंभीर हो सकती है।

नागरिकों से भी सतर्कता की अपील

सरकार ने नागरिकों से भी पानी के संयमित उपयोग की अपील की है। आने वाले महीनों में जल संकट से बचने के लिए प्रशासन और जनता दोनों को मिलकर प्रयास करने होंगे।

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