प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: AI)
Akola Additional Collector Extortion Case: महाराष्ट्र के प्रशासनिक गलियारों में उस वक्त हड़कंप मच गया जब अकोला जिले के एक वरिष्ठ अधिकारी पर वसूली के गंभीर आरोप लगे। अकोला के अतिरिक्त कलेक्टर (एडिशनल कलेक्टर) प्रमोद राहुल गायकवाड़ के खिलाफ स्टोन क्रशर मालिकों से कथित तौर पर पैसे वसूलने और उन्हें डराने-धमकाने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है।
अकोला पुलिस अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, प्रमोद गायकवाड़ के खिलाफ अकोला के एमआईडीसी (MIDC) पुलिस स्टेशन में सोमवार को प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई। यह कार्रवाई ‘स्टोन क्रशर एसोसिएशन’ के कार्यकारी अध्यक्ष की शिकायत के बाद हुई है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि एडिशनल कलेक्टर ने उनसे न केवल 15,000 रुपये मासिक (मंथली) की मांग की, बल्कि एसोसिएशन के हर सदस्य से 5,000-5,000 रुपये देने का दबाव भी बनाया।
शिकायत में यह भी खुलासा हुआ है कि गायकवाड़ ने व्यापारियों को खुलेआम धमकी दी थी। उन्होंने कथित तौर पर कहा था कि यदि उनकी “हफ्ता वसूली” की मांग पूरी नहीं हुई, तो वे अपने पद का दुरुपयोग करते हुए विभिन्न स्टोन क्रशर इकाइयों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करेंगे। डर और दबाव में आकर शिकायतकर्ता ने उन्हें 15,000 रुपये की पहली किस्त भी दे दी थी।
अकोला जिला खनन एवं क्रशर उद्यमी संघ ने पहले ही इस अधिकारी की कार्यशैली पर सवाल उठाए थे और वरिष्ठ स्तर पर शिकायत की थी। मामला तूल पकड़ते देख सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। आरोपी अधिकारी प्रमोद गायकवाड़ को तत्काल प्रभाव से अनिवार्य अवकाश (Compulsory Leave) पर भेज दिया गया है।
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पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत जबरन वसूली और आपराधिक धमकी देने का मामला दर्ज किया है। हालांकि, गायकवाड़ ने खुद पर लगे इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है और इसे उनके खिलाफ साजिश बताया है। फिलहाल पुलिस और भ्रष्टाचार निरोधक विभाग मामले की गहराई से जांच कर रहे हैं।