सोलापुर में शिवसेना की पूरी कार्यकारिणी भंग, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का बड़ा फैसला
Eknath Shinde: महाराष्ट्र के सोलापुर और माढा लोकसभा क्षेत्र में शिवसेना की पूरी एग्जीक्यूटिव कमेटी भंग कर दी गई। डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे के इस फैसले के बाद जिले की राजनीति में नए समीकरण बनेंगे।
- Written By: आंचल लोखंडे
Eknath Shinde Action (सोर्सः सोशल मीडिया)
Solapur Shiv Sena News: सोलापुर जिले में शिवसेना की राजनीति को लेकर पार्टी के प्रमुख नेता और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कड़ा कदम उठाया है। माढा और सोलापुर लोकसभा सीटों पर शिवसेना की पूरी एग्जीक्यूटिव कमेटी को अचानक भंग कर दिया गया है।
उपमुख्यमंत्री के इस सीधे एक्शन से जिले में शिवसेना के नेताओं और पदाधिकारियों में असमंजस की स्थिति बन गई है। किसी भी पदाधिकारी को इस बात का अंदाजा नहीं था कि रिव्यू मीटिंग के बाद इतना बड़ा फैसला लिया जाएगा। नए पदाधिकारियों की नियुक्ति के लिए चुनाव क्षेत्र के आधार पर इंटरव्यू लिए जाएंगे, जिसके बाद ही नई कार्यकारिणी का गठन किया जाएगा।
सोलापुर में अब कौन संभालेगा शिवसेना की कमान
एग्जीक्यूटिव कमेटी के भंग होने के साथ ही इस बात को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है कि सोलापुर में शिवसेना की कमान अब कौन संभालेगा। जल्द ही उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे सोलापुर के लिए नए और भरोसेमंद नेताओं की नई एग्जीक्यूटिव कमेटी की घोषणा करेंगे। कहा जा रहा है कि जिले में फैली अव्यवस्था को दूर करने और बिखरे हुए शिवसेना कार्यकर्ताओं को फिर से एकजुट करने के लिए यह फैसला लिया गया है। इस बड़े निर्णय के बाद सोलापुर की राजनीति में नए समीकरण देखने को मिल सकते हैं।
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रिव्यू मीटिंग में लगा था अनुमान
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को पिछले कुछ समय से सोलापुर जिले में पार्टी संगठन के भीतर गुटबाजी और अव्यवस्था बढ़ने की शिकायतें मिल रही थीं। सांसद श्रीकांत शिंदे ने बताया कि पदाधिकारियों की रिव्यू मीटिंग में यह अनुमान लगाया गया था कि शिकायतों और चुनाव क्षेत्रों में किए गए कार्यों के आधार पर एग्जीक्यूटिव को बर्खास्त करने का निर्णय लिया जा सकता है। हालांकि, किसी भी पदाधिकारी ने यह नहीं सोचा था कि एग्जीक्यूटिव इतनी जल्दी भंग कर दी जाएगी। सांसद शिंदे ने मीटिंग में कहा था कि पदाधिकारियों की नियुक्ति संपर्क प्रमुख द्वारा की जाएगी।
काम के मूल्यांकन के बाद होंगी नियुक्तियां
सोलापुर और माढा लोकसभा क्षेत्र की एग्जीक्यूटिव कमेटियों को हटाने का पहले से कोई निर्णय नहीं था। मौजूदा पदाधिकारियों के काम का मूल्यांकन करने के बाद ही नई नियुक्तियां की जाएंगी। रिव्यू मीटिंग में इस पर विस्तार से चर्चा हुई। पूर्व शहर प्रमुख सचिन चव्हाण ने कहा कि उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अब से संगठन में उन्हीं लोगों को पद दिया जाएगा जो अच्छा काम करेंगे।
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पूर्व जिला प्रमुख अमर पाटिल ने कहा कि मेरे लिए सबसे बड़ा पद शिवसैनिक का है। जिला प्रमुख रहते हुए भी मैंने शिवसैनिक के रूप में ही काम किया। यह निर्णय हेड ऑफिस के आदेशानुसार संगठन की मजबूती के लिए लिया गया है। माढा और सोलापुर लोकसभा सीटों के सभी विंग की एग्जीक्यूटिव कमेटियां भंग कर दी गई हैं। नई कार्यकारिणी कब घोषित होगी, इस पर अभी कोई बैठक नहीं हुई है, लेकिन माना जा रहा है कि अगले सप्ताह तक नई कार्यकारिणी की घोषणा हो सकती है।
