भूमिपूजन में मुझे नहीं बुलाना...नितिन गडकरी ने कही अपने मन की बात, बोले- ये अब तक का सबसे मुश्किल प्रोजेक्ट

Nitin Gadkari: शिर्डी में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने अपने प्रोजेक्ट में आ रही अड़चनों का खुलासा किया। नितिन गडकरी ने बताया कि पैसे तैयार होने के बावजूद भी शिर्डी प्रोजेक्ट उनके लिए क्यों मुश्किल बनता जा रहा है।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने गरीबों और अमीरों को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि बढ़ती गरीबी चिंता का विषय हैं। साथ ही उन्होंने ये भी कहा है कि रोड डेवलपमेंट के लिए पैसे की कोई कमी नहीं है।
नितिन गडकरी (सौजन्य-एएनआई)
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शिर्डी: अहिल्यानगर जिले में हजारों करोड़ रुपये की सड़क विकास की परियोजनाएं शुरू हैं। कई समस्याओं का समाधान किया जाएगा। जिले के विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्गों को मंजूरी दी गई है। इनमें सबसे जटिल मामला नगर से शिर्डी के बीच बनने वाले महामार्ग का है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इस मामले में अपनी प्रतिक्रिया दी है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के लिए ये प्रोजेक्ट मुश्किल होता जा रहा है क्योंकि इस प्रोजेक्ट में ठेकेदार टीक नहीं पा रहे है।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा, “मुझे समझ नहीं आता कि इस प्रोजेक्ट में ठेकेदार क्यों टिक नहीं पा रहे हैं? अब तक तीन टेंडर रद्द किए जा चुके हैं। उन तीनों ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट कर उनकी बैंक गारंटी जब्त की जानी चाहिए। अब नगर-शिर्डी महामार्ग की नई टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और इसका काम जल्द ही शुरू होगा। लेकिन इस बार भूमिपूजन के कार्यक्रम में मुझे मत बुलाइए, क्योंकि अब मुझे खुद ही शर्म आती है।”

परियोजना को कैबिनेट से मिलेगी मंजूरी

शुक्रवार को नितिन गडकरी के हाथों कोल्हार से नांदूर शिंगोटे तक के महामार्ग का भूमिपूजन तथा स्वर्गीय बालासाहेब विखे पाटील की पुस्तक "देह वेचावा कारणी" के दूसरे संस्करण का अनावरण किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम में राज्य के पालकमंत्री राधाकृष्ण विखे पाटील, नासिक के सांसद राजाभाऊ वाजे, शिर्डी के सांसद भाऊसाहेब वाकचौरे और जिले के विधायक उपस्थित थे। नितिन गडकरी ने आगे कहा, “शिर्डी-नगर सड़क के लिए अब नया टेंडर निकाला गया है। मुझे नहीं पता कि इस बार अच्छा ठेकेदार मिलेगा या नहीं, क्योंकि यह मेरे हाथ में नहीं है। लेकिन उम्मीद करते हैं कि अब यह रुका हुआ काम अच्छे से पूरा होगा। सुरत से चेन्नई तक के महामार्ग से बड़े पैमाने पर विकास होगा। अगले एक महीने में इस परियोजना को कैबिनेट की मंजूरी मिल जाएगी। पैसा तैयार है, किसानों को जल्द ही भुगतान किया जाएगा।”

ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे महाराष्ट्र में देगा विकास को रफ्तार

भारतमाला परियोजना के तहत सुरत से चेन्नई तक ग्रीनफील्ड मार्ग पर 1600 किलोमीटर लंबी सड़क बनाई जा रही है, जिससे दिल्ली से चेन्नई की दूरी 320 किलोमीटर कम हो जाएगी। यह एक्सेस कंट्रोल एक्सप्रेस हाईवे महाराष्ट्र के नासिक, अहिल्यानगर, बीड, धाराशिव और सोलापुर जिलों से होकर गुजर रहा है।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा यह परियोजना 42 हजार करोड़ रुपये की है और इसके लिए राज्य के 5 जिलों के किसानों की 4231 हेक्टेयर जमीन सरकार द्वारा मुआवजा देकर अधिग्रहित की जा रही है। यह एक अंतरराष्ट्रीय स्तर की सड़क होगी। इस सड़क के किनारे यदि महाराष्ट्र सरकार अभी से जमीन अधिग्रहित करके वहां लॉजिस्टिक पार्क और इंडस्ट्रियल क्लस्टर विकसित करे, तो यह राज्य के औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगा। इसलिए महाराष्ट्र सरकार से अनुरोध है कि इस दिशा में विचार किया जाए।

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