
Waste Management System:अहिल्यानगर MIDC क्षेत्र (सोर्सः सोशल मीडिया)
Ahilyanagar MIDC: अहिल्या नगर MIDC क्षेत्र में उद्यमियों पर लगाए गए प्रॉपर्टी टैक्स में पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी को लेकर तीव्र नाराजगी व्यक्त की जा रही है। बढ़े हुए प्रॉपर्टी टैक्स और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए जिला कलेक्टर, जिला परिषद CEO, निम्बालक ग्राम पंचायत, नागापुर ग्राम पंचायत और उद्यमी संगठन के प्रतिनिधियों के बीच लगभग दो घंटे तक चर्चा हुई, लेकिन बैठक से कोई ठोस और संतोषजनक समाधान नहीं निकल सका।
इस अवसर पर जिला परिषद CEO आनंद भंडारी ने उपस्थित उद्यमियों से संवाद कर गलतफहमियां दूर करने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि यदि उद्यमी सुरक्षित रहेंगे, तभी श्रमिक और ग्राम पंचायतें भी सुरक्षित रह सकेंगी। उन्होंने निम्बालक और नागापुर ग्राम पंचायतों को सलाह दी कि यदि प्रॉपर्टी टैक्स अधिक प्रतीत होता है, तो संबंधित संपत्ति मालिकों के समक्ष उसकी पुनः गणना कर उचित टैक्स लगाया जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कुछ अधिकार उनके स्तर पर हैं, लेकिन सरकार द्वारा लिए गए निर्णयों का पालन करना अनिवार्य होगा, इसके बावजूद वे अपने स्तर पर पूरा प्रयास कर रहे हैं।
जिला कलेक्टर पंकज एशिया ने आश्वासन दिया कि उद्योगों से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से लिया जाएगा और प्रॉपर्टी टैक्स को लेकर सरकारी स्तर पर चर्चा की जाएगी, ताकि किसी संभावित बदलाव की गुंजाइश देखी जा सके। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ग्राम पंचायतों के सुचारू संचालन के लिए प्रॉपर्टी टैक्स का भुगतान आवश्यक है। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि यदि समय रहते समाधान नहीं किया गया, तो यह स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।
MIDC क्षेत्र की कुछ सड़कों पर कचरा जमा होने की स्थिति को गंभीर बताते हुए जिला कलेक्टर ने कहा कि इसका तत्काल निपटारा आवश्यक है। यदि निम्बालक या नागापुर ग्राम पंचायत के पास उपलब्ध भूमि हो, तो सरकार को इसकी जानकारी दी जाए। DPDC के माध्यम से वहां कचरा संग्रहण केंद्र स्थापित किया जा सकता है, जिससे दोनों गांवों को लाभ होगा, रोजगार के अवसर पैदा होंगे और खाद का उत्पादन भी संभव होगा।
ये भी पढ़े: BMC चुनाव के लिए मैनिफेस्टो जारी, ठाकरे भाइयों ने मुंबईकरों से किए ‘ये’ वादे
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सड़क पर कचरा फेंकते हुए पाया गया, तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही MIDC क्षेत्र के होटल संचालकों को निर्देश दिए जाएंगे कि वे सड़क पर कचरा न फेंकें। गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग करने की प्रक्रिया तुरंत शुरू करने की अपील भी की गई, जिससे कचरा संग्रहण व्यवस्था सुचारू हो सके।
इस बैठक में संगठन के सभी पदाधिकारी और सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित थे। प्रारंभिक भाषण में संजय बंदिश्टी ने MIDC क्षेत्र में उद्यमियों को बढ़े हुए प्रॉपर्टी टैक्स और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट से हो रही समस्याओं की जानकारी अधिकारियों के समक्ष रखी।






