90 विधायकों को मराठी से मोह नहीं, भाषा गौरव दिन कार्यक्रम से रहे नदारद

Devendra Fadnavis Speech: मराठी भाषा गौरव दिन के कार्यक्रम से 90 प्रतिशत से अधिक विधायकों की अनुपस्थिति पर महाराष्ट्र की राजनीति में सवाल उठे, जबकि शीर्ष नेता कार्यक्रम में मौजूद रहे।
Maharashtra MLAs absent
Marathi Bhasha Gaurav Din-उद्धव ठाकरे खबर (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Marathi Bhasha Gaurav Din: मराठी भाषा के महान कवि कुसुमाग्रज की जयंती पर 27 फरवरी को मराठी भाषा गौरव दिन मनाने की परंपरा है। इस बार भी महाराष्ट्र विधान भवन के केंद्रीय सभागार में राज्य सरकार की ओर से ‘जावे विनोदाच्या गावा’ नामक विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। लेकिन इस भव्य आयोजन की रौनक उस समय फीकी पड़ गई, जब यह सामने आया कि सर्वदलीय निमंत्रण के बावजूद 90 प्रतिशत से अधिक विधायक कार्यक्रम में नदारद रहे। अपने ही घर में मराठी की दुर्दशा पर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं।

मराठी गौरव दिन पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजीत पवार, विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर और विधान परिषद सभापति राम शिंदे, उपसभापति नीलम गोर्हे जैसे वरिष्ठ नेता कार्यक्रम में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में गायक श्रीरंग भावे और गायिका अदिती प्रभुदेसाई ने गीत प्रस्तुत किए। अभिनेता ऋषिकेश जोशी ने पु. ल. देशपांडे की विनोदी रचना का वाचन किया और ‘लोकसेवेचा लोकजागर’ पुस्तक का विमोचन भी किया गया।

विधायकों की अनुपस्थिति पर सवाल

कार्यक्रम में 288 विधायकों वाली विधानसभा में से लगभग 250 विधायक नजर नहीं आए। सबसे हैरानी की बात यह है कि फिलहाल महाराष्ट्र विधानमंडल के बजट सत्र के कारण अधिकांश विधायक विधान भवन में मौजूद थे। खासकर मराठी के नाम पर राजनीति करने वाले पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और उनके पुत्र आदित्य ठाकरे सहित शिवसेना (यूबीटी) के अधिकांश विधायकों की अनुपस्थिति चर्चा का विषय बन गई है।

मराठी बने ज्ञानभाषा

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि जो भाषाएं ज्ञान की भाषा बनती हैं, वही दुनिया में आगे बढ़ती हैं। उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज की मराठी शुद्धिकरण की परंपरा का स्मरण करते हुए अभिजात मराठी को ज्ञानभाषा में बदलकर अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का आह्वान किया। विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने कहा कि तकनीक और शोध यदि मराठी में हों, तभी यह भाषा सही मायनों में ज्ञानभाषा बन सकेगी। वहीं उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि संकट में भी हास्य ढूंढने वाला ही सच्चा मराठी माणूस है।

उन्होंने आचार्य अत्रे और पु. ल. देशपांडे को मराठी विनोद का शिखर बताया और मराठी की समृद्धि का परचम सात समंदर पार फहराने का संकल्प लिया। उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने डिजिटल माध्यमों में मराठी के अधिकाधिक उपयोग का आह्वान करते हुए बताया कि लंदन में महाराष्ट्र भवन के निर्माण के लिए पांच करोड़ रुपये की निधि जारी की जा चुकी है।

भाजपा का हमला

दूसरी ओर भाजपा के मुख्य प्रवक्ता नवनाथ बन ने उद्धव ठाकरे गुट पर निशाना साधते हुए कहा कि एक ओर मराठी गौरव दिन मनाना और दूसरी ओर स्कूलों में पहली कक्षा से हिंदी अनिवार्य करने का समर्थन करना, यह मराठी प्रेम ‘पुतना मौसी के दूध’ जैसा है।

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