सींस रोड-अरणगांव में लगेंगे स्ट्रीट लाइट (सौजन्यः सोशल मीडिया)
Ahilyanagar bypass project: भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने अहिल्यानगर बायपास के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सुधार, बाढ़ नियंत्रण और सुविधाओं के विकास के लिए कुल 4.68 करोड़ रुपये की प्रशासनिक मंजूरी दी है। इसकी जानकारी सांसद नीलेश लंके ने दी। सांसद लंके ने कहा कि यह मंजूरी केवल धनराशि तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पिछले कई महीनों से चल रहे लगातार प्रयासों का परिणाम है। दिल्ली में मंत्रालय स्तर पर हुई चर्चाओं के बाद अंततः इन कार्यों को स्वीकृति मिली है, और आने वाले कुछ दिनों में इनका वास्तविक कार्यान्वयन शुरू होगा।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के मुंबई क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा 7 नवंबर को जारी आदेश के अनुसार कुछ प्रमुख कार्यों को मंजूरी दी गई है। इनमें सारोळाबद्दी में सर्विस रोड व आरसीसी नाली निर्माण, नारायणडोह, नेप्ती (कल्याण जंक्शन) व पुणे जंक्शन क्षेत्र में आरसीसी नाली कार्य, अरणगांव में स्ट्रीट लाइट लगाना, और मांडली-नागमठाण व देहेरे के सुरंगों का निर्माण व मरम्मत शामिल है।
इस समय कई हिस्सों में तेज़ गति से कार्य चल रहे हैं। राहुरी से राहुरी फैक्ट्री भाग का एक हिस्सा लगभग पूर्ण है और जल्द ही यातायात के लिए खोला जाएगा। कोल्हार-बाबळेश्वर खंड डामरीकरण के लिए तैयार है। शनिशिंगणापुर फाटा से विळद बायपास खंड में प्रत्यक्ष कार्य प्रगति पर है, और पूरा प्रोजेक्ट नियोजन के अनुसार आगे बढ़ रहा है, ऐसा सांसद लंके ने बताया।
सभी कार्य अगले 15 से 30 दिनों में शुरू होंगे। संबंधित ठेकेदारों और परियोजना निदेशक कार्यालय को इस संबंध में निर्देश दिए जा चुके हैं। कुंभ मेला 2027 को ध्यान में रखते हुए नगर-मनमाड राष्ट्रीय राजमार्ग पर कार्यों में विशेष तेजी लाई गई है। यह परियोजना मिश्र वार्षिक पद्धति के आधार पर लागू की जा रही है।
हालांकि परियोजना की पूर्णता की समयसीमा अप्रैल 2027 है, परंतु दिसंबर 2026 तक कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। सांसद लंके ने बताया कि इस राजमार्ग कार्य के लिए उन्होंने 11 जुलाई 2025 को अनिश्चितकालीन आंदोलन किया था। इसके बाद केंद्र सरकार और एनएचएआई प्रशासन ने तुरंत ध्यान देकर कार्य को गति दी।
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सांसद लंके ने कहा कि अहिल्यानगर और आसपास के क्षेत्र का राजमार्ग विकास केवल यातायात सुविधा का मामला नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र की आर्थिक, सामाजिक और धार्मिक प्रगति की कुंजी है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का सुधार, सर्विस रोड, नाली व्यवस्था और स्ट्रीट लाइट की स्थापना से नागरिकों को बड़ी राहत मिलेगी। कुंभ मेला 2027 से पहले इन सभी कार्यों को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।