KDMC में निर्विरोध चुनाव पर सवाल, एकमात्र उम्मीदवार वाले वार्ड में AAP ने उठाई NOTA की मांग
Kalyan Dombivli Municipal Polls: कल्याण-डोंबिवली मनपा चुनाव में एकमात्र उम्मीदवार वाले वार्डों में NOTA के साथ चुनाव कराने की मांग को लेकर आम आदमी पार्टी और नागरिकों ने राज्य निर्वाचन आयोग से अपील की।
- Written By: आंचल लोखंडे
कल्याण-डोंबिवली मनपा चुनाव (सोर्सः सोशल मीडिया)
KDMC Election: कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका (KDMC) के कई वार्डों में जहां विपक्ष का कोई उम्मीदवार नहीं बचा है, वहीं शिवसेना-BJP गठबंधन के 20 उम्मीदवारों के निर्विरोध चुने जाने का रास्ता साफ हो गया है। इस पृष्ठभूमि में आम आदमी पार्टी (AAP) के साथ-साथ एडवोकेट संजय मिश्रा, एडवोकेट चिराग व्यास, एडवोकेट सोनल भगत, एडवोकेट वीणा त्रिपाठी और जागरूक नागरिक राजेंद्र मुकादम ने राज्य निर्वाचन आयोग (State Election Commission) के समक्ष एक महत्वपूर्ण मांग रखी है।
इन सभी ने मांग की है कि जिन वार्डों में केवल एक ही उम्मीदवार शेष है, वहां NOTA (इनमें से कोई नहीं) विकल्प को एक मनगढ़ंत उम्मीदवार का दर्जा देकर चुनाव कराया जाए। साथ ही यह भी मांग की गई है कि यदि उस एकमात्र उम्मीदवार को NOTA से कम वोट मिलते हैं, तो संबंधित वार्ड में पुनः चुनाव कराया जाए। यह जानकारी आम आदमी पार्टी की चुनाव समिति के सलाहकार एडवोकेट आकाश वेदक ने दी।
अकेले उम्मीदवार और NOTA के बीच हो चुनावी मुकाबला
बताया गया कि केडीएमसी के कई वार्डों में मजबूत विपक्षी दलों के कुछ प्रमुख उम्मीदवारों द्वारा नाम वापस लिए जाने के कारण शिवसेना-BJP गठबंधन के 20 उम्मीदवार निर्विरोध चुने जाने की स्थिति में पहुंच गए हैं। आम आदमी पार्टी के कल्याण जिला अध्यक्ष एडवोकेट धनंजय जोगदंड ने कहा कि यदि ऐसे वार्डों में NOTA के साथ चुनाव कराए जाते हैं, तो जनता की वास्तविक राय स्पष्ट रूप से सामने आएगी। AAP ने इस संबंध में राज्य निर्वाचन आयोग को ई-मेल के माध्यम से लिखित निवेदन भी भेजा है।
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KDMC में निर्विरोध चुनाव पर सवाल
उन्होंने कहा कि जो लोग चुनाव लड़ने के इच्छुक थे, उन्होंने तय सरकारी शुल्क भरकर विधिवत नामांकन दाखिल किया है। संविधान के अनुसार नागरिकों को मतदान का अधिकार है और उन्हें इस अधिकार से वंचित करना कानून और संविधान दोनों का उल्लंघन है। ऐसी स्थिति में, जहां किसी वार्ड में केवल एक उम्मीदवार है, वहां मतदाताओं को NOTA का विकल्प देकर मतदान का अवसर मिलना चाहिए।
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एडवोकेट संजय मिश्रा, एडवोकेट चिराग व्यास, एडवोकेट सोनल भगत और एडवोकेट वीणा त्रिपाठी ने चेतावनी दी है कि यदि नागरिकों के मतदान अधिकारों का हनन हुआ, तो आगे उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
(इनपुटः अशोक वर्मा)
