Chandrashekhar Bawankule :महाराष्ट्र सरकार (सोर्सः सोशल मीडिया)
Maharashtra Farmer Relief: महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के लाखों किसानों को नववर्ष का बड़ा तोहफा दिया है। राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने घोषणा की है कि 2 लाख रुपए तक के कृषि और फसल ऋण से संबंधित सभी दस्तावेजों पर स्टाम्प ड्यूटी पूरी तरह माफ कर दी गई है। यह निर्णय 1 जनवरी 2026 से पूरे राज्य में लागू हो चुका है और इस संबंध में आधिकारिक राजपत्र भी जारी कर दिया गया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली सरकार ने जिला परिषद चुनाव से पहले किसानों को यह बड़ी राहत दी है।
इस निर्णय से कर्ज लेते समय किसानों पर पड़ने वाला अतिरिक्त आर्थिक बोझ कम होगा। पहले किसानों को प्रति 1 लाख रुपये के ऋण पर 0.3 प्रतिशत की दर से स्टाम्प ड्यूटी चुकानी पड़ती थी। यानी 2 लाख रुपए के ऋण पर लगभग 600 रुपए केवल स्टाम्प ड्यूटी के रूप में खर्च होते थे। अब यह शुल्क शून्य हो जाने से किसानों की प्रत्यक्ष लागत घटेगी। बचाई गई यह राशि किसान बीज, खाद और आधुनिक कृषि उपकरणों की खरीद में उपयोग कर सकेंगे।
राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने बताया कि फसल ऋण के लिए आवश्यक करारनामा, गिरवी रखने का बॉन्ड, हमनामा, गारंटी पत्र और गिरवी सूचना पत्र जैसे सभी दस्तावेजों पर अब स्टाम्प ड्यूटी नहीं लगेगी। यह छूट 2 लाख रुपए तक के ऋण पर लागू होगी।
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उन्होंने इस निर्णय को “किसानों के लिए नववर्ष का उपहार” बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में महायुति सरकार ने यह किसान-हितैषी और राहत भरा फैसला लिया है। इससे ऋण प्रक्रिया का आर्थिक बोझ कम होगा और किसानों को सरल व सम्मानजनक तरीके से ऋण उपलब्ध हो सकेगा। यह निर्णय किसानों के श्रम को आधार, उनके आत्मविश्वास को बल और कृषि के भविष्य को दिशा देने वाला है।
इस फैसले का मुख्य उद्देश्य किसानों को संस्थागत ऋण आसानी से उपलब्ध कराना और दस्तावेजी जटिलताओं को कम करना है। स्टाम्प ड्यूटी माफ होने से ऋण वितरण प्रक्रिया तेज होगी और अनावश्यक देरी से भी राहत मिलेगी।