ग्राहक सेवा केंद्र चालकों को फंसाने वाले गिरोह का पर्दाफाश, संभाजीनगर पुलिस ने दो को किया गिरफ्तार

Chhatrapati Sambhajinagar ग्रामीण पुलिस ने बैंक ग्राहक सेवा केंद्र चालकों को फंसाने वाले दो साइबर ठगों को गिरफ्तार किया। आरोपी फर्जी शिकायत कर खाते फ्रीज करवाते थे, अब जेल की हवा खाएंगे।
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धोखाधड़ी करने वाले आरोपी गिरफ्तार (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Chhatrapati Sambhajinagar CSP Center Fraud Case: छत्रपति संभाजीनगर जिले के ग्रामीण क्षेत्र में स्थित बैंक ग्राहक सेवा केन्द्र पर पहुंचकर मुझे नकदी पैसों की जरुरत होने का झांसा देकर वहां से नकदी लेकर अपने रिश्तेदारों खातों से पैसे ट्रांसफर करने के बाद साइबर टोल फ्री क्रमांक 130 पर फंसाने की शिकायत देकर सेंटर चालकों को फंसाने की कई मामले सामने आ रहे थे।

टोल फ्री क्रमांक पर शिकायत के बाद सेंटर चालक के खावते के व्यवहार पर रोक लगती थी। इन घटनाओं से जिले के बैंक सेंटर चालक परेशान थे। इन घटनाओं को लेकर दर्ज हुए मामले के बाद ग्रामीण पुलिस ने गहराई से जांच कर बैंक ग्राहक सेवा सेंटर चालकों फंसाने वाले 2 शातिर अपराधियों को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की।

पकड़े गए आरोपियों की पहचान 37 वर्षीय राहिल यूनुस शेख निवासी वडाला शिवार नासिक व 47 वर्षीय प्रविण चंपालाल वैष्णव निवासी सिन्नर नासिक के रूप में की गई।

ऐसे करते ठगी

ग्रामीण साइबर क्राइम के पीआई संजय देशमुख ने बताया कि जिले के राजनगांव पोल, गंगापुर, ढोरकीन और एलोरा स्थित सीएसपी केंद्र (बैंक ग्राहक सेवा केंद्र) में पहुंचकर आरोपी अस्पताल का बिल अदा करने, लेबर पेमेंट करना है या वाहन सड़क पर क्षतिग्रस्त हो गया है। इस तरह का झांसा देकर सेंटर चालकों से 40 हजार से 80 हजार नकदी लेते थे।

इसके बाद वह अपने रिश्तेदारों से अनुरोध करता था कि वह सीएसपी सेंटर चालक के खाते में ऑनलाइन पैसे भेज दें। उसके लिए आरोपी बैंक ग्राहक सेवा केन्द्र के संचालक से अपना क्यूआर कोड या फोन पे नंबर मांगता था और वह क्यूआर कोड या फोन पे नंबर अपने दोस्तों/रिश्तेदारों को भेजकर पैसे ट्रांसफर करवाता था। सेंटर चालक के सीएसपी सेंटर खाते में ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर होने के कुछ समय बाद ही फिर वहां जाकर कोड नंबर ले लेता था।

CSP केंद्र चालक को अज्ञात नंबर से कॉल

सीएसपी केंद्र चालक को एक अज्ञात नंबर से कॉल आता और कहा जाता था कि आपके बैंक खाते में गलती राशि स्थानांतरित हुई है। पैसे भेजने वाला साइबर टोल फ्री नंबर 1930 पर कॉल कर वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराता था। जिससे सीएसपी केंद्र चालक का बैंक खाता फ्रीज हो जाता था।

इस प्रकार इन 2 शातिर अपराधियों ने जिले के कई बैंक ग्राहक सेवा केंद्र चालकों के साथ इस तरह की धोखाधड़ी की। उसके बाद यह रकम न्यायालय से वापस लेकर धोखाधड़ी के कई मामले सामने आए थे। उधर, इन शातिर अपराधियों के जाल में फंसे राजू कचरु कुकलारे निवासी राजनगांव पोल, तहसील गंगापुर व अन्य ठगे गए गवाहों की शिकायतों के आधार पर कार्रवाई की।

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