विजय शाह की मंत्रिमंडल से छुट्टी! मुख्यमंत्री की बैठक सभी दिखे...लेकिन कबीना मंत्री नदारद

भारतीय सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादित टिप्पणी करने वाले मंत्री विजय शाह आज मंत्रिमंडल की बैठक में नहीं पहुंचे, जिसके बाद उनके मंत्री पद छोड़ने के कयास लगाए जा रहे हैं।
विजय शाह की मंत्रिमंडल से छुट्टी! मुख्यमंत्री की बैठक सभी दिखे...लेकिन कबीना मंत्री नदारद
मंत्री विजय शाह, सीएम मोहन यादव (फोटो-सोशल मीडिया)
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भोपालः "ऑपरेशन सिंदूर" की जानकारी मीडिया से साझा करने वाली भारतीय सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप से घिरे मध्य प्रदेश के काबीना मंत्री विजय शाह मंगलवार को इंदौर में आयोजित राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में नजर नहीं आए। इसके बाद उनकी मंत्रिमंडल से छुट्टी खबरें अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि अभी तक ऐसी कोई जानकारी सामने नहीं आई है।

राज्य सरकार के एक अधिकारी ने बताया कि शाह, मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में शहर के ऐतिहासिक राजबाड़ा महल में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में शामिल नहीं हुए। शाह के पास जनजातीय कार्य विभाग, लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग और भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने मंत्री विजय शाह को लगाई थी लताड़

इंदौर जिले के रायकुण्डा गांव में शाह ने 12 मई को ‘हलमा' (सामूहिक श्रमदान और सामुदायिक सहभागिता की जनजातीय परम्परा) के सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कर्नल कुरैशी के बारे में कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इस बयान पर मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के खुद संज्ञान लेने के बाद काबीना मंत्री के खिलाफ मानपुर पुलिस थाने में गंभीर आरोपों में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। उच्चतम न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने इस मामले की जांच के लिए भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के तीन अफसरों का विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया है।

जीतू पटवारी विजय शाह की बर्खास्तगी की मांग पर अड़े

इस बीच, कांग्रेस ने फिर मांग की है कि शाह को राज्य मंत्रिपरिषद से बर्खास्त किया जाए। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने एक बयान में कहा, "उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालय ने कर्नल कुरैशी पर आपत्तिजनक टिप्पणी के लिए शाह को कड़ी फटकार लगाई है। उनकी माफी खारिज की है। इसके बावजूद शाह की बर्खास्तगी पर कोई निर्णय क्यों नहीं लिया गया?" मंत्रिपरिषद की बैठक से पहले मुख्यमंत्री यादव और उनकी मंत्रिपरिषद के सदस्यों को पारम्परिक मालवी पगड़ी पहनाकर उनका स्वागत किया गया। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री की कुर्सी के पास देवी अहिल्याबाई की मूर्ति रखी गई थी। बैठक "विकसित मध्यप्रदेश 2047" के दृष्टिपत्र के बारे में मंथन पर केंद्रित थी।

ऐतिहासिक राजबाड़ा महल में हुई बैठक

बैठक से पहले मुख्यमंत्री यादव ने राजबाड़ा के दरबार हॉल के संरक्षण और पुनर्स्थापना के कार्य की औपचारिक शुरुआत की। प्रदेश सरकार ने देवी अहिल्याबाई के 300वें जयंती वर्ष के समापन के अवसर पर होलकर शासकों की राजधानी रहे इंदौर के राजबाड़ा में मंत्रिपरिषद की बैठक आयोजित की। इसके लिए राजबाड़ा को इसके ऐतिहासिक स्वरूप में सजाया गया। आजाद भारत के इतिहास में पहली बार होलकरकालीन राजबाड़ा में प्रदेश मंत्रिपरिषद की बैठक आयोजित की गई। राजबाड़ा, पूर्व होलकर शासकों का ऐतिहासिक महल है। यह महल पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र है।

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