

Harda hostel lathicharge: मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पिछले दिनों हरदा में करणी सेना के प्रदर्शन के दौरान राजपूत समाज के एक छात्रावास में पुलिसकर्मियों द्वारा कथित तौर पर किए गए लाठीचार्ज मामले को गंभीरता से लेते हुए बुधवार को जिला प्रशासन से रिपोर्ट तलब की। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार के लिए सामाजिक न्याय और परस्पर सद्भाव सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा किसी को भी सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
पिछले दिनों धोखाधड़ी के एक मामले को लेकर करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने हरदा में विरोध प्रदर्शन किया था। ऐसा आरोप है कि प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं को तितर बितर करने के लिए पुलिस ने छात्रावास के विद्यार्थियों पर कथित रूप से लाठीचार्ज किया था। विरोध प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार किए गए करणी सेना के अध्यक्ष जीवन सिंह शेरपुर सहित अन्य कार्यकर्ताओं को बाद में रिहा कर दिया गया था।
सीएम ने एक्स पर पोक्ट कर दी जानकारी मुख्यमंत्री मोहन यादव ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘हरदा छात्रावास प्रकरण का संज्ञान लेकर मैंने जिला प्रशासन से विस्तृत जांच रिपोर्ट तलब की है। हमारी सरकार के लिए सामाजिक न्याय और परस्पर सद्भाव सर्वोच्च प्राथमिकता है। मध्यप्रदेश में सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की किसी को अनुमति नहीं दी जाएगी।''
क्या है पूरा मामला
बता दें कि हरदा में दो दिन पहले करणी सेना के प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा किए गए बर्बर लाठीचार्ज के बाद भाजपा अब बैकफुट पर नजर आ रही है। पार्टी नेता अब इस मुद्दे को लेकर चिंतित हैं। करणी सेना और राजपूतों ने इस मामले को लेकर राज्य सरकार और भाजपा पर खुलकर हमला बोला है, जिसके चलते पार्टी और सरकार अपने शुरुआती रुख में बदलाव करती दिख रही है। भाजपा नेताओं ने हरदा की घटना को कुछ लोगों के बीच आपसी लेनदेन से जुड़ा विवाद बताया था, लेकिन जिस तरह से पुलिस ने दो दिन में तीन बार बर्बरतापूर्वक लाठियां भांजी, छात्रावास में घुसकर युवकों की पिटाई की, अब आम लोग भी इस पर नाराजगी जताने लगे हैं।
प्रदेश भर के राजपूतों में जबरदस्त गुस्सा
घटना से खासकर पूरे मध्यप्रदेश में राजपूतों में जबरदस्त गुस्सा है। उनके गुस्से को खत्म करने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं। प्रदेश नेतृत्व ने जहां स्थिति को संभालने के लिए पार्टी के राजपूत नेताओं को सक्रिय किया है, वहीं राज्य सरकार ने भी मामले की रिपोर्ट तलब की है। बताया जा रहा है कि लोगों के गुस्से को शांत करने के लिए जल्द ही हरदा जिले के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को हटाया जा सकता है।