मकर संक्रांति पर भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां, वरना पूरे साल झेलनी पड़ेगी कंगाली!

Makar Sankranti 2026: मकर संक्रांति को सूर्य के उत्तरायण होने का पावन पर्व माना जाता है। इस दिन किए गए दान-पुण्य और कर्मों का प्रभाव पूरे वर्ष पर पड़ता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस खास दिन कुछ गलतियां करने से आर्थिक परेशानियां बढ़ सकती हैं।
Mistakes to Avoid on Makar Sankranti
मकर संक्रांति पर पूजा और दान करते श्रद्धालु (सौ. एआई)
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sankranti puja
हिंदू धर्म में मकर संक्रांति का दिन बेहद पवित्र माना जाता है जो सूर्य के उत्तरायण होने का प्रतीक है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस दिन दान और स्नान का जितना महत्व है उतना ही कुछ विशेष कार्यों से बचने की भी सलाह दी गई है। एक छोटी सी चूक आपके पूरे साल के भाग्य को बिगाड़ सकती है।
makar sankranti
साल 2026 में मकर संक्रांति का पर्व नई उम्मीदों और खुशियों के साथ आ रहा है। सूर्य का मकर राशि में प्रवेश न केवल ऋतु परिवर्तन का संकेत है बल्कि यह शुभ कार्यों की शुरुआत का भी समय है। धार्मिक मान्यताओं और शास्त्रों के अनुसार संक्रांति के दिन कुछ विशेष मर्यादाओं का पालन करना अनिवार्य है। अगर आप इन नियमों की अनदेखी करते हैं तो आपको आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव का सामना करना पड़ सकता है।
food eating
बिना स्नान किए भोजन का सेवन: मकर संक्रांति के दिन पवित्र नदियों में स्नान या घर पर ही गंगाजल मिलाकर स्नान करने की परंपरा है। शास्त्रों के अनुसार, इस दिन बिना स्नान किए भोजन ग्रहण करना अशुभ माना जाता है। ऐसा करने से व्यक्ति को सूर्य देव की कृपा प्राप्त नहीं होती और दरिद्रता का वास होता है।
onion
तामसिक भोजन और नशा: इस पावन अवसर पर मांस, मदिरा, लहसुन और प्याज जैसे तामसिक पदार्थों के सेवन से पूरी तरह बचना चाहिए। संक्रांति का दिन सात्विकता का प्रतीक है। इस दिन नशा करने से कुंडली में सूर्य और शनि का अशुभ प्रभाव पड़ता है जिससे कार्यों में बाधा आती है।
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अपशब्दों का प्रयोग और कलह: संक्रांति पर अपनी वाणी पर नियंत्रण रखें। किसी गरीब, असहाय या बुजुर्ग का अपमान न करें। घर में झगड़ा या कलह करने से लक्ष्मी मां रुष्ट हो जाती हैं और घर की बरकत रुक जाती है।
tulsi
तुलसी और पेड़ों की कटाई: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार संक्रांति के दिन पेड़ों की कटाई या छंटाई करना वर्जित है। खासकर तुलसी के पत्तों को नहीं तोड़ना चाहिए। ऐसा करना प्रकृति और देवताओं का अनादर माना जाता है।
daan
दान का अपमान करना: संक्रांति पर दान का विशेष महत्व है। यदि आपके द्वार पर कोई भिक्षुक आए तो उसे खाली हाथ न लौटाएं। अपनी क्षमता अनुसार तिल गुड़ या अनाज का दान जरूर करें। दान करते समय मन में अहंकार लाना पुण्य को शून्य कर देता है।
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मकर संक्रांति का त्योहार श्रद्धा और विश्वास का पर्व है। इन सरल नियमों का पालन कर आप न केवल दोषों से बच सकते हैं बल्कि सूर्य देव के आशीर्वाद से अपने जीवन में सुख-समृद्धि ला सकते हैं।

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