Healthy Relationship Tips: रिश्ते में बढ़ रही हैं दूरियां? पार्टनर से खुलकर बात करना है सबसे बड़ा समाधान
Relationship Tips: कई बार देखा जाता है कि पार्टनर के साथ छोटी सी लड़ाई भी कभी-कभी बड़ी हो जाती है। ऐसे में आपसी दूरियां और ज्यादा बढ़ने लगती हैं और कई बार इससे रिश्ते टूटने की कगार पर आ जाते हैं।
- Written By: रीता राय सागर
रिलेशनशिप (फोटो.सोशल मीडिया)
Relationship Advice: बिजी लाइफस्टाइल की वजह से इन दिनों कपल्स में कम्युनिकेशन गैप आता जा रहा है। दो लोग साथ में रहते तो है, लेकिन उन्हें एक-दूसरे के साथ वक्त कम मिल पाता है। इसकी वजह है बिजी लाइफस्टाइल और पति-पत्नी दोनों का वर्किंग होना।
धीरे-धीरे इससे रिश्तों में दूरियां आने लगती हैं। रिश्तों में मुश्किलों की जड़ बातचीत का न हो पाना ही होता है और कई बार ये दूरी इतनी बढ़ जाती है कि कपल अलग होने तक का फैसला कर लेते हैं। बातचीत का मतलब सिर्फ़ शब्द बोलना नहीं है, बल्कि यह वह पुल है जो दो लोगों को भावनात्मक, मानसिक और आध्यात्मिक रूप से जोड़ता है।
रिश्तों में कम्युनिकेशन है जरूरी
अच्छी बातचीत का मतलब सिर्फ शब्दों का बोलना नहीं होता है बल्कि इसका मतलब है अपनी बात साफ तरीके से कहना और ध्यान से सुनना। इसमें बोलकर कही गई बातें और बिना बोले कही गई बातें जैसे आपका लहजा, चेहरे के हाव-भाव और बॉडी लैंग्वेज भी शामिल होते हैं। इस तरह से बोलने के साथ सुनना भी उतना ही असरदार है जितना किसी एक का बोलना। जब आप सच में सामने वाली की बातें सुनते हैं, तो आपके पार्टनर को लगता है कि आप उसकी भावनाओं को अच्छी तरह से समझ रहे हैं और उसकी बातों को अहमियत दे रहे हैं।
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ध्यान से सुनने का मतलब सिर्फ शब्दों को सुनना नहीं है
कई बार सही तरह से सुनने का मतलब है अपने पार्टनर पर पूरा ध्यान देना, ध्यान भटकाने वाली चीजों को दूर रखना और अपनी बात कहने की जल्दी से अधिक जरूरी है अपने पार्टनर को पूरे ध्यान से सुनना करने के बजाय उनके नजरिये को समझने पर ध्यान देना भी जरूरी होता है। ध्यान से सुनने वाले लोग बातों को समझने के लिए सवाल पूछते हैं, जो सुना है उसे दोहराते हैं और पार्टनर की भावनाओं को समझते हैं, भले ही वे उनकी बात से सहमत न हों। हालांकि आपसी रिश्ता मजबूत करने के लिए बातों को सिर्फ सुनने के बजाय समझने की भी जरूरत होती है।
रिलेशनशिप (फोटो.सोशल मीडिया)
बिना दोष दिए अपनी जरूरतें बताना
पार्टनर से खुलकर बातें करने का एक सबसे अच्छा माध्यम यह है कि आप अपने पार्टनर को बिना दोष दिए ही अपनी जरूरतों को उसके सामने खुलकर रखें। अगर आपको पार्टनर की कोई चीज पसंद नहीं है तो आपको इस बात का ध्यान रखने की जरूरत है कि आप उसे खुलकर इसके बारे में बताएं। अगर आप खुलकर इस बारे में बात नहीं करती हैं, तो समय के साथ रिश्ते बिगड़ने लगते हैं।
सही समय और भावनाओं पर काबू रखना भी जरूरी है
अच्छी नीयत से की गई बातचीत भी तब बिगड़ सकती है जब भावनाएं बातचीत पर हावी हो जाती है। बहुत ज्यादा हो जाती हैं। आपको बातचीत करते समय सही जगह और समय का ध्यान रखने की जरूरत होती है। आपको हमेशा उस समय पर बात करनी चाहिए जब आपको लगे कि पार्टनर आपको समझ नहीं पा रहा है या फिर कोई गलतफहमी हो जाए। ऐसे समय में बात करने से रिश्तों में आई दूरी कम हो जाती है।
रिलेशनशिप (फोटो.सोशल मीडिया)
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झगड़े के डर से बंद न करें बातचीत
कुछ पार्टनर अपने को पार्टनर से केवल इसलिए बात नहीं करते हैंस क्यों कि उन्हें लगता है कि वो बात करेंगे तो उनके बीच झगड़े होंगे और दूरियां बढ़ जाएंगी। एक्सपर्ट मानते हैं कि जिन मुद्दों पर बात नहीं होती, वे खत्म नहीं होते हैं बल्कि वो मन में बैठ जाते हैं और आखिर में वो रिश्तों पर बुरा असर डालते हैं। झगड़ों को सही तरीके से सुलझाना असल में रिश्तों को मजबूत बनाता है। इसके लिए आपसी बातचीत जरूरी होती है।
सफल रिश्ते की बुनियाद ही पार्टनर के साथ खुलकर बात करना है। अगर आप आपसी दूरी को कम करना चाहती हैं, तो आपके लिए आपसी संवाद बनाए रखना जरूरी है।
