

Cake And Health: केक का नाम सुनते ही मीठे और सॉफ्ट स्वाद का ख्याल आता है। जन्मदिन हो, त्योहार हो या घर में कोई खास मौका- केक अक्सर खुशी का हिस्सा बन जाता है। लेकिन अगर आप सेहत को लेकर सजग हैं, तो केक चुनते समय एक सवाल जरूर आता है- एग या एगलेस कौन सा केक बेहतर होता है।
सिर्फ अंडा होने या न होने से किसी केक को हेल्दी या अनहेल्दी नहीं कहा जा सकता है। केक में इस्तेमाल होने वाली चीनी, मैदा, बटर, तेल, क्रीम जैसी चीजें भी उसकी पोषण गुणवत्ता को प्रभावित करते हैं।
अंडा प्रोटीन, विटामिन बी12, विटामिन डी और कुछ जरूरी फैट का सोर्स होता है। इसलिए जब केक में अंडे का इस्तेमाल होता है, तो उसमें इन पोषक तत्वों की थोड़ी मात्रा भी मौजूद होती है। हालांकि इसका मतलब यह नहीं कि केक को प्रोटीन का अच्छा स्रोत मान लिया जाए। केक मुख्य रूप से एक मिठाई ही है।
बिना अंडे वाला केक उन लोगों के लिए उपयोगी विकल्प है, जो अंडा नहीं खाते या किसी व्यक्तिगत कारण से इससे बचते हैं। इसमें अंडे की जगह दूध, दही, कंडेंस्ड मिल्क, तेल या अन्य सामग्री इस्तेमाल की जा सकती है, केक का एगलेस होने का मतलब यह नहीं है कि वह कम कैलोरी वाला है। एक एगलेस केक में प्रति 100 ग्राम लगभग 362 कैलोरी और 38 ग्राम चीनी हो सकती है।
केक को ज्यादा कैलोरी वाला बनाने में सिर्फ अंडे की भूमिका नहीं होती। मैदा, चीनी, बटर, तेल और खासकर क्रीम की मात्रा भी जरूरी है। कई एगलेस केक में स्वाद और बनावट बनाए रखने के लिए एक्स्ट्रा फैट या मीठी सामग्री का इस्तेमाल किया जाता है। इसलिए केवल एग या एगलेस देखकर फैसला करने के बजाय पूरी रेसिपी और मात्रा पर ध्यान देना चाहिए।
अगर दोनों विकल्पों में समान मात्रा में चीनी, मैदा और क्रीम इस्तेमाल हुई है, तो अंडे वाला केक प्रोटीन और कुछ पोषक तत्वों के मामले में थोड़ा आगे हो सकता है। इसलिए केक चुनने का सबसे बेहतर तरीका कम चीनी, कम क्रीम और संतुलित मात्रा में फैट होना है।
कोई भी केक अपने आप में हेल्दी फूड नहीं है। अंडे वाला केक पोषण के मामले में थोड़ा बेहतर हो सकता है, लेकिन इससे वह रोज खाने वाली पौष्टिक चीज नहीं बन जाता। वहीं एगलेस केक भी कभी-कभार खाई जाने वाली मिठाई के रूप में ठीक है।