

Vitamin B12 Health Benefits: शरीर को स्वस्थ रखने का सबसे असरदार फॉर्मूला है- पोषक तत्वों से भरपूर आहार को अपनी डेली डाइट में शामिल करना। हालांकि कई तरह के अध्ययनों से पता चलता है कि ज्यादातर भारतीयों को अच्छे पोषण के लिए जरूरी न्यूट्रिशन नहीं मिल पा रहे हैं। लिहाजा भारतीयों में विटामिन बी-12, आयरन और फोलेट जैसे जरूरी तत्वों की कमी तेजी से बढ़ रही हैं।
परिणामस्वरूप शरीर में थकान, कमजोरी, चक्कर आने, हाथ-पैरों में झनझनाहट से लेकर कई गंभीर समस्याएं पैदा हो रही हैं। इस रिपोर्ट के माध्याम से समझेंगे कि विटामिन-बी 12 की कमी शरीर को कैसे प्रभावित करती है और इसका पुरुषों व महिलाओं पर क्या असर होता है?
आंकड़ों के मुताबिक भारतीयों में विटामिन B12 की कमी एक 'साइलेंट हेल्थ क्राइसिस' है, जो लगभग 47% से 51% आबादी को प्रभावित करती है।
विटामिन बी12 एक जरूरी वॉटर सॉल्यूबल विटामिन है, जिसे कोबालामिन भी कहा जाता है। यह शरीर में रेड ब्लड सेल्स बनाने, नर्व सिस्टम को सही रखने और डीएनए सिंथेसिस में मदद करता है। यह एक आवश्यक माइक्रोन्यूट्रिएंट है, जिसकी कमी शरीर में कई गंभीर समस्याएं पैदा कर सकती है।
विटामिन बी 12 की कमी से शरीर में होमोसिस्टीन नामक अमीनो एसिड का लेवल बढ़ जाता है। यह धमनियों की अंदरूनी परत को नुकसान पहुंचाता है, जिससे ब्लड क्लॉट बनने का खतरा बढ़ जाता है। ब्लड क्लॉट का बनना अक्सर हार्ट अटैक की संभावना को बढ़ा देता है।
अगर आप अपनी डाइट में सही मात्रा में बी12 शामिल नहीं करते हैं, तो इसकी कमी से शरीर में ऑक्सीजन की सप्लाई कम हो जाती है, क्योंकि विटामिन बी 12 रेड ब्लड सेल्स के निर्माण में सहायक होते हैं। इससे दिल की मांसपेशियों पर अधिक दबाव पड़ता है और हार्ट की फंक्शनिंग कमजोर होने लगती है। विटामिन बी12 न्यूरोलॉजिकल हेल्थ के लिए भी बेहद जरूरी है और नर्वस सिस्टम को प्रभावित करता है। इसकी कमी से ऑटोनॉमिक नर्व सिस्टम प्रभावित होता है, जो दिल की धड़कन और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने का काम करता है।
विटामिन बी12 की कमी लगभग 1.5% से 15% आबादी में मौजूद है, एज ग्रुप के हिसाब से इसे इस प्रकार से समझा जा सकता है-
विवरण याद रखने में परेशानी का अनुभव करना या तेजी से भ्रमित होना विटामिन बी12 की कमी को पूरा करने के लिए मुख्य रूप से दूध, दही, अंडा, मछली, चिकन और मीट खाने की सलाह दी जाती है।