
नाभि पर तेल लगाती महिला
Navel Oil Therapy: गर्भावस्था से लेकर बुढ़ापे तक नाभि शरीर को पोषण देने वाला सबसे महत्वपूर्ण बिंदु है। आयुर्वेद और विज्ञान दोनों मानते हैं कि नाभि से हजारों नसें जुड़ी होती हैं। इसलिए यहां तेल लगाना पूरे शरीर की सर्विसिंग करने जैसा है जो आपको भीतर से स्वस्थ और बाहर से चमकदार बनाता है।
आयुर्वेद में नाभि को शरीर का पावर हाउस माना गया है। यह वही बिंदु है जिससे मां के गर्भ में शिशु को पोषण मिलता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आप रोजाना नाभि में तेल लगाते हैं तो यह आपके मेटाबॉलिज्म, नींद और हार्मोनल संतुलन को सुधारने में जादुई भूमिका निभा सकता है। लेकिन किस समस्या के लिए कौन सा तेल सबसे बेहतर है? आइए विस्तार से समझते हैं:
अगर आप अक्सर पेट फूलने, गैस या भारीपन से परेशान रहते हैं तो सरसों का तेल आपके लिए रामबाण है। यह पाचन तंत्र को सक्रिय करता है और कफ प्रकृति वाले लोगों के लिए विशेष रूप से लाभकारी है। ठंडे मौसम में इसकी मालिश पेट के अंगों को ऊर्जा प्रदान करती है।
रक्त शुद्धि और शरीर की गर्मी कम करने के लिए नीम या नारियल का तेल सबसे उत्तम है। यदि आप मुहांसों से परेशान हैं तो नीम का तेल लगाएं। वहीं संवेदनशील त्वचा वाले लोग नारियल तेल का उपयोग कर सकते हैं जिससे त्वचा को प्राकृतिक चमक और ठंडक मिलती है।
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महिलाओं के लिए शुद्ध देसी गाय का घी नाभि में लगाना वरदान के समान है। यह हार्मोनल असंतुलन, अनियमित पीरियड्स और कमजोरी को दूर करता है। साथ ही यह नर्वस सिस्टम को शांत कर चिड़चिड़ापन और मानसिक तनाव को कम करने में मदद करता है।
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में अगर आपको नींद नहीं आती या चिंता सताती है तो सोने से पहले बादाम का तेल नाभि में लगाएं। यह न केवल मानसिक शांति देता है बल्कि अगले दिन के लिए शरीर को ताजगी और नई ऊर्जा से भर देता है।
जिन लोगों को घुटनों या जोड़ों में अक्सर दर्द और अकड़न रहती है उनके लिए अरंडी का तेल चमत्कार कर सकता है। इसकी मालिश से सूजन कम होती है और शरीर की गतिशीलता बढ़ती है।
हमेशा शुद्ध और जैविक तेलों का ही प्रयोग करें। तेल लगाने के बाद नाभि के आसपास हल्के हाथों से मसाज जरूर करें ताकि नसें इसे अच्छी तरह सोख सकें।






