
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
T20 World Cup Boycott: इसे पाकिस्तान की नादानी ही कहना होगा कि उसने बांग्लादेश के साथ एकजुटता दिखाते टी-20 वर्ल्ड कप में भारत के साथ मैच का बहिष्कार करने का निर्णय लिया। यह एक गलत मिसाल है। खेल में इस तरह की राजनीति नहीं आनी चाहिए, ऐसे बायकॉट से पाकिस्तान के पाइंट कट जाएंगे। इस तरह की नौटंकी का कोई मतलब नहीं है।
जिस दिन पाकिस्तान ने बायकॉट की घोषणा की, उसी दिन उसकी अंडर-19 टीम भारत के साथ खेल रही थी। इसलिए सुरक्षा कारणों का बहाना निरर्थक है। पाकिस्तान का मैच बहिष्कार सिर्फ प्रतीकात्मक है। यदि टूर्नामेंट में भारत और पाकिस्तान दोनों फाइनल में पहुंचे तो क्या पाकिस्तान खेलने से मना करेगा? वहां ट्रॉफी को लेकर सवाल पैदा हो जाएगा।
पाकिस्तान की बदनीयत तो तभी जाहिर हो गई थी जब भारत की जीत के बाद भी चैम्पियन्स ट्राफी उसके क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष ने अपने पास रख ली थी। बांग्लादेश के पक्ष में कूदने की पाकिस्तान को कोई जरूरत ही नहीं थी। भारत ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए कोलकाता नाइट राइडर्स पर दबाव डाला था कि वह बांग्लादेशी खिलाड़ी मुस्तफिजुर रहमान को आईपीएल टीम से बाहर कर दे।
तब आईसीसी (अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद) ने यह बात मान ली थी कि मुस्तफिजुर का मामला घरेलू किस्म का था लेकिन आईसीसी मानकर चल रहा था कि बांग्लादेश टीम वर्ल्डकप मैच में भारत आकर खेलेगी।
बांग्लादेश का साथ देकर पाकिस्तान क्रिकेट को नुकसान पहुंचा रहा है। भारत व पाक के बीच जब रोमांचक मुकाबला होता है तो दोनों देशों के दर्शक उसे देखने के लिए उतावले हो जाते हैं। टेलीकास्ट करनेवाले चैनल लाखों डालर का बिजनेस करते हैं। विज्ञापनदाता भी मोटी रकम देते हैं। दोनों देशों के क्रिकेट बोर्ड व टीमों को मोटी रकम मिलती है।
इसमें राजनीति आना अच्छी बात नहीं है। यदि बांग्लादेश और पाकिस्तान नहीं खेलेंगे तो यह कैसा वर्ल्ड कप होगा? पाकिस्तान के अड़ियल रवैये की वजह से सिर्फ पाइंट ही नहीं करेंगे बल्कि उस पर आईसीसी जुर्माना लगा सकता है तथा भविष्य में सहभागिता पर प्रतिबंध भी लगा सकता है।
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सवाल यह भी पूछा जा रहा है कि यदि भारत आईपीएल में बांग्लादेश के एक खिलाड़ी को सुरक्षा कारण बताकर केकेआर टीम से बाहर करवा रहा है तो देश में होनेवाले मैचों में पूरी टीम को सुरक्षा कैसे देगा ? यदि विरोध ही दर्शाना है तो बायकाट करने की बजाय बांह पर काली पट्टी बांध कर भी तो खेला जा सकता है। अब तक के अधिकांश आईसीसी टूर्नामेंट में भारत और पाकिस्तान के बीच ही टक्कर होती रही है।
लेख-चंद्रमोहन द्विवेदी के द्वारा






