दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंचे केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव, लिया तैयारियों का जायजा, यात्रियों से की बातचीत

Ashwini Vaishnaw meets passengers
ANI Photo
Published on
Updated on

नई दिल्ली. त्योहारी सीजन के बीच केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnaw) ने गुरुवार को दिल्ली रेलवे स्टेशन (Delhi Railway Station) का दौरा किया और तैयारियों का जायजा लिया। साथ ही उन्होंने ट्रेन में यात्रियों के साथ-साथ प्लेटफॉर्म पर खड़े यात्रियों से बातचीत की। इसके अलावा उन्होंने बुकिंग काउंटर और सुरक्षा व्यवस्था पर की गई सभी तैयारियों का भी निरीक्षण किया।

अश्विनी वैष्णव ने कहा कि यात्रा करने वाले लोगों को अधिकतम सुविधा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास किया जाना चाहिए। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि यही प्रयास विपरीत दिशा में यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए भी किये जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि त्योहारी सीजन को ध्यान में रखते हुए विशेष व्यवस्था की गई है। सारी योजना महीनों पहले ही कर ली गई थी। पुलिस की तैनाती, डॉक्टरों की तैनाती ठीक से की गई है। मैंने यात्रियों से बातचीत की है और वे अधिकारियों द्वारा की गई व्यवस्था से संतुष्ट हैं। पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 3 गुना अधिक ट्रेनों की व्यवस्था की गई है।

बिहार और यूपी जाने वाली कई ट्रेनों में आग लगने की घटनाओं पर केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि कुछ यात्रियों के पास से पटाखे पाए गए। मेरा यात्रियों से अनुरोध है कि वे ऐसा काम न करें जिससे नुकसान हो या समस्या पैदा हो।

सालाना 800 करोड़ यात्री कर रहे रेलवे का सफर

अश्विनी वैष्णव ने कहा, "वर्तमान में लगभग 800 करोड़ यात्री सालाना रेलवे का सफर कर रहे हैं। हमें चार से पांच साल में इस क्षमता को बढ़ाकर एक हजार करोड़ करना होगा क्योंकि जनसंख्या बढ़ रही है।" उन्होंने कहा, "इसके लिए हमें तीन हजार अतिरिक्त ट्रेनों की जरूरत है, जो यात्रियों की इस बढ़ी हुई संख्या को सहूलियत देने में मदद करेंगी।"

हर साल 200 से 250 नई ट्रेनें

रेलवे सूत्रों के मुताबिक, फिलहाल 69 हजार नए कोच उपलब्ध हैं और हर साल रेलवे करीब पांच हजार नए कोच बना रहा है। सूत्रों ने कहा कि इन सभी प्रयासों से रेलवे हर साल 200 से 250 नई ट्रेनें ला सकता है, जो 400 से 450 वंदे भारत ट्रेनों से अलग हैं। ये ट्रेनें आने वाले वर्षों में रेलवे से जुड़ने जा रही हैं। वैष्णव ने कहा कि यात्रा का समय कम करना रेलवे के लिए एक और लक्ष्य है, जिसके लिए मंत्रालय ट्रेनों की गति में सुधार और रेल नेटवर्क का विस्तार करने पर काम कर रहा है। उन्होंने कहा, "लंबे रूट की ट्रेनों की गति बढ़ाने और धीमी करने में लगने वाले समय को कम करना बहुत जरूरी है क्योंकि निर्धारित स्टेशनों पर रुकने के अलावा ट्रेनों को मार्ग के कई मोड़ों पर गति कम करनी पड़ती है।" 

वैष्णव ने कहा कि रेलवे की क्षमता को और बढ़ाने के लिए हर साल लगभग पांच हजार किलोमीटर ट्रैक बिछाए जा रहे हैं। वैष्णव ने कहा, "एक हजार से अधिक फ्लाईओवर व अंडरपास को भी मंजूरी प्रदान की गई है और कई स्थानों पर काम शुरू हो चुका है। पिछले साल, हमने 1,002 फ्लाईओवर और अंडरपास का निर्माण किया था और इस साल हमारा लक्ष्य इस संख्या को बढ़ाकर 1,200 करना है।" (एजेंसी इनपुट के साथ)

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com