BMC Elections: शिवाजी मैदान में होगा घमासान! 11 को उद्धव-राज तो 12 को फडणवीस-शिंदे भरेंगे हुंकार

BMC Election Rally: बीएमसी चुनाव 2026 के लिए 11 जनवरी को उद्धव-राज ठाकरे की संयुक्त रैली। 12 जनवरी को बीजेपी-शिंदे की महायुति सभा। शिवाजी पार्क में मचेगा सियासी घमासान।
Uddhav and Raj Thackeray joint rally Devendra Fadnavis Eknath Shinde Mumbai rally
सीएम फडणवीस और उद्धव-राज गठबंधन (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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Maharashtra Local Body Elections: मुंबई महानगरपालिका के बहुप्रतीक्षित चुनाव के लिए मतदान की तिथि जैसे-जैसे करीब आ रही है, सियासी दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज होते जा रहे हैं। इसी पृष्ठभूमि में 11 जनवरी को ऐतिहासिक शिवाजी पार्क मैदान पर पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की पार्टी शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे (यूबीटी) और राज ठाकरे की पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) की संयुक्त सभा होगी।

बीएमसी चुनाव की पृष्ठभूमि में हो रही इस संभवतः मुंबई की सबसे महत्वपूर्ण चुनावी सभा में ठाकरे बंधु राज सत्ता पक्ष पर कौन सा नया शस्त्र चलाते हैं, इस पर सभी की निगाहें लगी हैं। मुंबई की सत्ता के लिए ठाकरे भाइयों का 'महा-मिलन' और महायुति का 'महा-पलटवार' होगा। 11 और 12 जनवरी को शिवाजी पार्क में होने वाली ये सभाएं तय करेंगी कि बीएमसी का अगला 'किंग' कौन होगा।

12 को फडणवीस-शिंदे का शक्ति प्रदर्शन!

वहीं ऐसी भी अटकलें लगाई जा रही है कि 11 को होनेवाली ठाकरे बंधुओं की सभा के बाद 12 जनवरी को शिवाजी पार्क मैदान पर ही बीजेपी और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, व आरपीआई (आठवले) की महायुति की भी सभा हो सकती है। इस सभा में महायुति अपना शक्ति प्रदर्शन कर सकती है तो वहीं खासकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और डीसीएम शिंदे एक दिन पहले चलाए गए राज और उद्धव के शब्द बाण पर पलटवार कर सकते है।

गौरतलब हो कि बीएमसी चुनाव की पार्श्वभूमि में मुंबई में 11 जनवरी को होने वाली सभा एकमात्र सभा होगी। क्योंकि इससे पहले बीते सोमवार को विक्रोली में निर्धारित सभा कुछ कारणों से नहीं हो पाई। बताया जा रहा है कि विक्रोली में सोमवार को शाम 6.30 बजे निर्धारित सभा के बारे में राज और उद्धव को जानकारी ही नहीं थी।

BMC चुनाव प्रचार में होंगे 244 वाहन

मुंबई मनपा चुनाव के दौरान चुनाव प्रचार के लिए 244 वाहनों को क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) से अनुमति दी गई है। इन अनुमतियों से आरटीओ को कुल 4,68,500 का राजस्व प्राप्त हुआ है। चुनावी अवधि में विभिन्न राजनीतिक दलों के उम्मीदवार प्रचार के लिए यात्री वाहनों का उपयोग करते हैं, जिसके लिए परिवहन विभाग से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होता है। समयबद्ध अनुमति सुनिश्चित करने के लिए मुंबई के आरटीओ कार्यालयों में विशेष कक्ष स्थापित किए गए थे। अधिकारियों के अनुसार, इन्हीं कक्षों के माध्यम से प्रचार में उपयोग होने वाले वाहनों को अनुमति दी गई। अनुमति वाले वाहनों में ऑटो-रिक्शा, टैक्सी और अन्य चार-पहिया वाहन शामिल रहे। चुनाव प्रचार के तौर-तरीकों में भी बदलाव देखने को मिला।

आरटीओ ने दी अनुमतियां

उम्मीदवारों द्वारा एलईडी स्क्रीन से सुसज्जित वाहनों का उपयोग बढ़ा है, वहीं लाउडस्पीकर लगे ऑटो-रिक्शा और चार-पहिया वाहनों के जरिए पारंपरिक प्रचार भी जारी रहा। परिवहन विभाग ने निर्धारित शुल्क के आधार पर अनुमतियां जारी की।

वाहन श्रेणी के अनुसार, ऑटो-रिक्शा के लिए प्रति वाहन 500 और चार-पहिया वाहनों के लिए प्रति वाहन 2,000 का शुल्क तय किया गया था। आरटीओ कार्यालय अनुसार राजस्व में ताड़देव कार्यालय सबसे आगे रहा, जहां सर्वाधिक अनुमतियां जारी हुईं। इसके बाद वडाला और बोरीवली कार्यालयों का स्थान रहा।

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