भारत के साथ से पाकिस्तान को फायदा! ख्वाजा आसिफ बोले- मार्केट में बढ़ी पाकिस्तानी फाइटर जेट की मांग

India-Pakistan Conflict: पाकिस्तान ने दावा किया कि भारत के साथ युद्ध के बाद उसके फाइटर जेट के ऑर्डर बढ़े हैं। रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा, अगर पूरे होते हैं, IMF की जरूरत नहीं पड़ेगी।
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पाकिस्तानी फाइटर जेट की बिक्री को लेकर ख्वाजा आसिफ का दावा (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Khawaja Asif on Pakistan Fighter Jets Order: भारत के साथ हुए ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान को करारी हार का सामना करना पड़ा था, इसके बाजूद पाकिस्तान ने दावा किया है कि, उसे सैन्य टकराव से आर्थिक और रणनीतिक फायदा हुआ है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने हाल ही में कहा कि चार दिनों के सैन्य टकराव के बाद पाकिस्तान ने मिलिट्री एयरक्राफ्ट के निर्यात में वृद्धि देखी है।

उनका दावा है कि यदि ये ऑर्डर पूरी तरह मिल जाते हैं, तो इससे पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) पर निर्भरता कम या खत्म हो सकती है। आसिफ का यह बयान ऐसे समय में आया जब एक उच्च-स्तरीय बांग्लादेशी रक्षा प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान पहुंचे और उन्होंने वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल जहीर अहमद बाबर सिद्धू से मुलाकात की।

JF-17 थंडर फाइटर जेट की बिक्री पर चर्चा

रिपोर्ट के मुताबिक, प्रतिनिधिमंडल के साथ JF-17 थंडर फाइटर जेट की संभावित बिक्री पर चर्चा हुई। JF-17 एक मल्टीरोल फाइटर है, जिसे चीन और पाकिस्तान ने मिलकर विकसित किया है। पाकिस्तान ने पिछले एक दशक से इस जेट का इस्तेमाल किया है।

JF-17 फाइटर जेट विशेष रूप से पिछले साल मई में भारत के साथ सैन्य संघर्ष के दौरान सुर्खियों में आया था। पाकिस्तान ने प्रचारित किया कि उसने छह भारतीय विमानों को मार गिराया, जिनमें फ्रांस निर्मित राफेल जेट भी शामिल थे। इस प्रचार का इस्तेमाल पाकिस्तान ने JF-17 के विदेशी बाजार में प्रचार और बिक्री बढ़ाने के लिए किया। 

पाकिस्तानी सेना प्रमुख और अन्य प्रतिनिधिमंडल कई देशों में जाकर एयरक्राफ्ट की बिक्री के लिए सक्रिय रहे। उनका जोर इस बात पर है कि चीनी मिलिट्री तकनीक पश्चिमी हार्डवेयर की तुलना में प्रभावी और भरोसेमंद है।

क्या बोले ख्वाजा आसिफ? 

ख्वाजा आसिफ ने मीडिया को बताया कि उन्हें जो ऑर्डर मिल रहे हैं, वे काफी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि उनके एयरक्राफ्ट का परीक्षण पहले ही हो चुका है। उन्होंने दावा किया कि यदि छह महीने में ये ऑर्डर पूरे हो जाते हैं, तो पाकिस्तान को IMF की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

JF-17 को पाकिस्तान चीन के साथ मिलकर कम कीमत वाला मल्टी-रोल फाइटर के रूप में बेचता है। यह एक ऐसा विकल्प है जो पश्चिमी सप्लाई चेन के बाहर एयरक्राफ्ट, प्रशिक्षण और रखरखाव प्रदान करता है। हालांकि, भारत के ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तानी एयरबेस और चीनी हथियारों की कमजोरियों को उजागर कर दिया गया था। हालांकि इसे बाद भी पाकिस्तान लगातार अपने हथियारों को भारतीय हथियारों से बेहतर बताने में लगा हुआ है।

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