बिहार चुनाव में हार के बाद TMC सांसद की मांग, ममता बनर्जी को बनाएं INDIA ब्लॉक का 'चेहरा'

Mamata Banerjee: बिहार चुनाव में महागठबंधन की हार के बाद TMC सांसद कल्याण बंद्योपाध्याय ने ममता बनर्जी को INDIA ब्लॉक का चेहरा बनाने की मांग की। उन्होंने हार के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया।
बिहार चुनाव में हार के बाद TMC सांसद की मांग, ममता बनर्जी को बनाएं INDIA ब्लॉक का 'चेहरा'
INDIA ब्लॉक का 'चेहरा' बदलें: बिहार चुनाव के नतीजों पर टीएमसी सांसद ने ममता बनर्जी के लिए की वकालत
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TMC MP On Bihar Election Result: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के शानदार प्रदर्शन और महागठबंधन की हार के बाद, विपक्षी गठबंधन 'इंडिया ब्लॉक' के नेतृत्व पर सवाल उठने लगे हैं। इसी कड़ी में, तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद कल्याण बंद्योपाध्याय ने शुक्रवार को खुलकर यह मांग की कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) को राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा का मुकाबला करने के लिए इंडिया ब्लॉक का "चेहरा" होना चाहिए।

कल्याण बंद्योपाध्याय ने साफ तौर पर कहा कि देश में भाजपा की सांप्रदायिक और विभाजनकारी राजनीति का मुकाबला करने की क्षमता केवल ममता बनर्जी में है। उन्होंने पड़ोसी राज्य बिहार में भाजपा के मजबूत प्रदर्शन का बंगाल पर असर पड़ने के दावों को सिरे से खारिज कर दिया।

कांग्रेस की विफलता बनी हार की वजह

टीएमसी सांसद कल्याण बंद्योपाध्याय ने बिहार चुनाव में महागठबंधन की हार का ठीकरा कांग्रेस के कमजोर प्रदर्शन पर फोड़ा। उन्होंने कहा कि बिहार में भाजपा की मजबूत संगठनात्मक उपस्थिति है, जबकि कांग्रेस इसकी बराबरी करने में विफल रही, जिसके कारण विपक्षी गठबंधन को चुनावी झटका लगा। बंद्योपाध्याय के इस बयान से स्पष्ट है कि टीएमसी अब राष्ट्रीय गठबंधन में कांग्रेस की नेतृत्वकारी भूमिका पर सवाल उठा रही है।

दीदी ही लड़ सकती हैं भाजपा की 'तानाशाही राजनीति'

जब उनसे पूछा गया कि कांग्रेस के खराब प्रदर्शन के बाद क्या ममता बनर्जी को इंडिया ब्लॉक का नेतृत्व करना चाहिए, तो बंद्योपाध्याय ने ज़ोर देकर कहा, "हाँ, दीदी को भाजपा की सांप्रदायिक, विभाजनकारी, तानाशाही और अलोकतांत्रिक राजनीति से लड़ने के लिए गैर-भाजपा मोर्चे का चेहरा होना चाहिए।" उन्होंने ममता बनर्जी की संघर्ष क्षमता की तारीफ करते हुए कहा कि वह भाजपा की चुनौती का सामना कर सकती हैं और देश भर में इस लड़ाई को सफलतापूर्वक आगे बढ़ा सकती हैं।

बंगाल पर नहीं पड़ेगा बिहार का असर

कल्याण बंद्योपाध्याय ने इस धारणा को भी सिरे से खारिज कर दिया कि बिहार में भाजपा के मजबूत प्रदर्शन का असर पश्चिम बंगाल की राजनीति पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि दोनों राज्यों की राजनीतिक जमीन, सामाजिक समीकरण और संगठनात्मक क्षमताएं अलग-अलग हैं। उन्होंने दावा किया कि बंगाल में टीएमसी की जड़ें मज़बूत हैं और ममता बनर्जी का जनाधार किसी भी बाहरी लहर को रोकने में सक्षम है। यह बयान टीएमसी की राष्ट्रीय महत्वाकांक्षा और बंगाल में अपनी राजनीतिक स्थिति को मजबूत करने के इरादे को दर्शाता है।

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