ममता बनर्जी ने चला नीतीश कुमार वाला दांव, चुनाव से पहले युवा साथी प्लान पर बवाल, टेंशन में BJP!

West Bengal Elections: ममता बनर्जी ने बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले बेरोजगार युवाओं को साधने के लिए 'युवा साथी' योजना की शुरुआत की है। योजना की शुरुआत के पहले ही दिन राज्यभर में भारी भीड़ उमड़ी।
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ममता बनर्जी (Image- Social Media)
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Yuva Sathi Scheme: विधानसभा चुनाव से पहले ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल में बड़ा राजनीतिक दांव चला है। टीएमसी सुप्रीमो ने विधानसभा चुनाव से पहले बेरोजगार युवाओं को साधने के लिए ‘युवा साथी’ योजना शुरू की है। इस योजना के तहत 21 से 40 वर्ष के उन बेरोजगार युवाओं को हर महीने 1,500 रुपये दिए जाएंगे, जिन्होंने दसवीं से आगे पढ़ाई नहीं की है। योजना के पहले ही दिन राज्यभर में भारी भीड़ देखने को मिली। वहीं विपक्षी शुभेंदु अधिकारी समेत भाजपा नेताओं ने इसे चुनाव से पहले की ‘लुभावनी योजना’ बताते हुए सरकार पर निशाना साधा है।

पहले दिन उमड़ी भारी भीड़

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, रविवार को रजिस्ट्रेशन शुरू होते ही राज्य के 294 विधानसभा क्षेत्रों में लगाए गए शिविरों के बाहर सुबह से ही लंबी कतारें लग गईं। सुबह 11 बजे शिविर खुलने तक भीड़ काफी बढ़ चुकी थी। दिन समाप्त होने तक करीब दो लाख युवाओं ने पंजीकरण करा लिया। अकेले कोलकाता में 18 कैंप लगाए गए हैं, जो 26 फरवरी तक रोजाना सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक चलेंगे। मालदा और दक्षिण दिनाजपुर के कुछ इलाकों में पंजीकरण को लेकर हल्की अव्यवस्था भी हुई, जिसे पुलिस ने संभाल लिया। कोलकाता के श्यामपुकुर कैंप में राज्य की उद्योग मंत्री शशि पांजा ने खुद मौजूद रहकर पात्रता और दस्तावेजों की जानकारी दी।

चुनावी टाइमिंग पर उठे सवाल

‘युवा साथी’ योजना की घोषणा 6 फरवरी को 2026-27 के वोट-ऑन-अकाउंट बजट में की गई थी। इसके लिए 5,000 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है। सरकार का अनुमान है कि लगभग 27.8 लाख युवा इससे लाभान्वित होंगे। पहले भुगतान 15 अगस्त से प्रस्तावित था, लेकिन अब इसे 1 अप्रैल से लागू करने की तैयारी है। चूंकि राज्य में कुछ महीनों बाद चुनाव होने हैं, इसलिए विपक्ष इसकी टाइमिंग पर सवाल उठा रहा है।

भाजपा ने बोला हमला

भाजपा ने आरोप लगाया है कि सरकार बेरोजगारी का स्थायी समाधान देने के बजाय भत्ता देकर युवाओं को आकर्षित करना चाहती है। सुभेंदु अधिकारी ने पूछा कि ऑनलाइन आवेदन की सुविधा क्यों नहीं दी गई और 2013 की पुरानी योजनाओं के आवेदनों का क्या हुआ।

इस पर तृणमूल कांग्रेस ने पलटवार करते हुए कहा कि केंद्र द्वारा बकाया राशि रोके जाने के बावजूद राज्य सरकार जनकल्याण योजनाएं चला रही है। राज्य की वित्त मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने कहा कि उनकी सरकार योजनाएं शुरू कर बीच में बंद नहीं करती, बल्कि सीमित संसाधनों में भी जनता के हित में काम करती है।

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