परिसीमन विवाद पर मोदी को मिला शरद पवार का साथ, साउथ की 'ना' लेकिन सुप्रिया सुले ने कर दी 'हां'

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने शनिवार को परिसीमन पर राज्यों की अपनी पहली बैठक आयोजित की। दक्षिण भारत के राज्य परिसीमन का विरोध कर रहे है। इस बीच शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले ने इस विवाद पर बड़ा बयान दिया है।
परिसीमन होना चाहिए, लेकिन निष्पक्ष तरीके से : सुप्रिया सुले
पीएम नरेंद्र मोदी, सुप्रिया सुले व शरद पवार (डिजाइन फोटो)
Published on
Updated on

मुंबई: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने शनिवार को परिसीमन पर राज्यों की अपनी पहली बैठक आयोजित की। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और डीएमके प्रमुख एम के स्टालिन ने कहा कि यह एक बैठक से कहीं अधिक है, जिसने एक ऐसे आंदोलन की शुरुआत की है जो निष्पक्ष तरह से परिसीमन करने के लिए देश के भविष्य को आकार देगा। परिसीमन नवीनतम जनसंख्या के आधार पर निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाओं को फिर से तय करने की प्रक्रिया है।

इस बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की नेता सुप्रिया सुले ने शनिवार को महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए मोदी सरकार को राहत दी है। उन्होंने कहा कि संसदीय क्षेत्रों का परिसीमन किया जाना चाहिए, लेकिन निष्पक्ष तरीके से। एनसीपी (एसपी) विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया' में तमिलनाडु की सत्तारूढ़ पार्टी डीएमके की सहयोगी है।

शरद पवार की बेटी और सांसद सुप्रिया सुले ने यहां पत्रकारों से बातचीत में कहा कि दक्षिणी राज्यों ने जनसंख्या प्रबंधन और सामाजिक क्षेत्र में असाधारण रूप से अच्छा प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि ‘‘परिसीमन पर कोई स्पष्टता नहीं है और हम चिंतित हैं। परिसीमन किया जाना चाहिए, लेकिन निष्पक्ष तरीके से।"

बारामती से लोकसभा सदस्य सुले से जब द्रमुक द्वारा आयोजित संयुक्त बैठक पर उनकी पार्टी के रुख के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि ‘‘हम डीएमके के संपर्क में हैं। वे आज केवल दक्षिणी राज्यों की बैठक कर रहे हैं।"

तेलंगाना के सीएम ने परिसीमन का किया विराेध

इस बैठक में तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने कहा कि दक्षिण भारत जनसंख्या आधारित परिसीमन को स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने ने कहा कि भाजपा जनसांख्यिकीय दंड की नीति लागू कर रही है। हम एक देश हैं, हम इसका सम्मान करते हैं। लेकिन हम इस प्रस्तावित परिसीमन को स्वीकार नहीं कर सकते क्योंकि यह हमें राजनीतिक रूप से सीमित कर देगा।

रेवंत रेड्डी ने कहा कि यह हमें एक प्रदर्शनकारी राज्य होने की सजा देगा। हमें भाजपा को किसी भी अनुचित परिसीमन को लागू करने से रोकना होगा।

बिना नई जनगणना के परिसीमन नहीं किया जा सकता

परिसीमन विवाद पर कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने कहा कि बिना नई जनगणना के परिसीमन नहीं किया जा सकता। अटल बिहारी वाजपेयी ने संविधान में संशोधन करके कहा था कि 2026 यानी 2031 के बाद पहली जनगणना पूरी होने तक परिसीमन स्थगित रहेगा। यह उनका 2002 में किया गया संविधान संशोधन था। इसलिए परिसीमन को 1971 की जनसंख्या के स्तर पर स्थिर रखा गया।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com