‘भारत में जहां-जहां गजनी का नाम आता है, सब हटा दो’, सोमनाथ मंदिर पर बोले स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद

Somnath Temple: शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने पीएम मोदी के सोमनाथ संबंधी पोस्ट का समर्थन करते हुए मांग की है कि भारत में गजनी का नाम जहां भी हो, उसे पूरी तरह मिटा देना चाहिए।
Swami Avimukteshwaranand statement on somnath temple
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, फोटो- सोशल मीडिया
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Swami Avimukteshwaranand Statement: सोमनाथ मंदिर पर हुए पहले आक्रमण के 1,000 साल पूरे होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ब्लॉग पोस्ट ने नई चर्चा छेड़ दी है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि आक्रमणकारी गजनी का नाम भारत से हटाना चाहिए ताकि यह भविष्य के लिए एक कड़ा संदेश बने।

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज ने सोमनाथ मंदिर को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया सोशल मीडिया पोस्ट पर अपनी महत्वपूर्ण प्रतिक्रिया दी है। स्वामी जी ने कहा कि प्रधानमंत्री का ट्वीट उस हजार वर्ष पुराने दर्द को व्यक्त करता है, जब विदेशी आक्रमणकारी महमूद गजनवी ने अपनी सेना के साथ आकर मंदिर को क्षति पहुंचाई थी। उन्होंने पीएम मोदी के इस संदेश का स्वागत किया कि मूर्तियां तोड़ी जा सकती हैं, लेकिन सोमनाथ की आस्था को नष्ट नहीं किया जा सकता।

"गजनी का नाम मिटाना जरूरी": अविमुक्तेश्वरानंद

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने स्पष्ट शब्दों में कहा, "भारत में जहां-जहां भी गजनी का नाम आता है, उसे हटा देना चाहिए।" उन्होंने तर्क दिया कि महमूद गजनवी ने मंदिर को नुकसान पहुँचाया, पुजारियों और भक्तों को चोट पहुंचाई, और यह सब उसने सोमनाथ की गरिमा को नष्ट करने के इरादे से किया था। स्वामी जी के अनुसार, गजनी का कृत्य किसी भी नजरिए से अच्छा नहीं था, इसलिए उसकी स्मृति के किसी भी चिह्न को भारत की धरती पर स्थान नहीं मिलना चाहिए।

भारतीय सभ्यता के अदम्य साहस का प्रतीक है सोमनाथ

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने ब्लॉग पोस्ट में सोमनाथ मंदिर की सराहना करते हुए इसे भारतीय सभ्यता की 'अदम्य भावना' का प्रतीक बताया है। उन्होंने लिखा कि यह मंदिर सदियों के संघर्षों और बाधाओं पर विजय प्राप्त करते हुए आज भी गौरव के साथ खड़ा है। पीएम मोदी के अनुसार, सोमनाथ की गाथा उन अनगिनत भारतीयों के साहस की कहानी है जिन्होंने औपनिवेशिक लूट और आक्रमणों के बावजूद अपनी संस्कृति और सभ्यता की रक्षा की।

11 जनवरी को है पीएम का सोमनाथ दौरा

विदेशी आक्रमणकारियों के बार-बार के हमलों के बाद पुनर्निर्मित हुए सोमनाथ मंदिर में प्रधानमंत्री 11 जनवरी को दर्शन के लिए पहुंचेंगे। यह दौरा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह मंदिर पर हुए पहले आक्रमण के 1,000 साल पूरा होने के अवसर पर हो रहा है। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि अगर प्रधानमंत्री का ट्वीट यह संदेश देना चाहता है कि भविष्य में कोई ऐसी कोशिश न करे, तो यह एक बेहद स्वागतयोग्य कदम है।

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