
शरजील की जमानत पर पुलिस का वो 'वीडियो वार' जो दंग कर देगा (फोटो- सोशल मीडिया)
Delhi Riots Police Evidence Video: दिल्ली दंगों के आरोपी शरजील इमाम की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान कोर्ट में एक अलग ही नजारा देखने को मिला। दिल्ली पुलिस ने शरजील की जमानत का कड़ा विरोध करते हुए जजों के सामने वो वीडियो चला दिए, जिनमें कथित तौर पर देश के टुकड़े करने और असम को भारत से काटने की बात कही जा रही थी। पुलिस का कहना है कि 2020 के दंगे कोई अचानक हुआ हादसा नहीं थे, बल्कि एक सोची-समझी साजिश थी, जिसका सबसे बड़ा सबूत इन वीडियो में कैद भड़काऊ भाषण हैं।
फरवरी 2020 में सीएए और एनआरसी के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शनों की आड़ में दिल्ली में भयानक दंगे हुए थे, जिसमें 53 लोगों की जान गई थी और 700 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। शरजील इमाम 2020 से ही न्यायिक हिरासत में हैं। उन पर राजद्रोह, सांप्रदायिक वैमनस्य फैलाने और यूएपीए की धारा 12 जैसी गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में जमानत के लिए अर्जी दी थी, लेकिन दिल्ली पुलिस ने इन वीडियो को हथियार बनाकर उनकी रिहाई का रास्ता रोकने की पूरी कोशिश की है।
पुलिस ने सबूत के तौर पर 16 जनवरी 2020 का एक वीडियो चलाया, जो अलीगढ़ का बताया जा रहा है। इसमें शरजील इमाम भीड़ को संबोधित करते हुए कथित तौर पर कहते सुनाई देते हैं कि अगर पांच लाख लोग एक साथ खड़े हो जाएं, तो हम उत्तर-पूर्व और भारत को हमेशा के लिए अलग कर सकते हैं। अगर हमेशा के लिए नहीं, तो कम से कम एक महीने के लिए तो काट ही सकते हैं। वीडियो में पटरियों पर इतना मलबा फैलाने की बात कही गई कि उसे साफ करने में एक महीना लग जाए और एयरफोर्स से जाना पड़े। शरजील ने कहा कि असम को काट देना हमारी जिम्मेदारी है और चिकन नेक मुसलमानों का है।ट
यह भी पढ़े: ‘जमीन पर बैठ पढ़ने वाला लड़का कैसे बना CJI?’ विदाई भाषण में BR गवई ने बताया दरगाह और बाबासाहेब का राज
कोर्ट में पेश किए गए अन्य वीडियो में शरजील इमाम को अनुच्छेद 370, तीन तलाक, अयोध्या मंदिर और सीएए जैसे मुद्दों पर युवाओं को उकसाते हुए सुना गया। 23 जनवरी 2020 के एक वीडियो में वे मंच से कहते हैं कि यह बात तय है कि हमला मुसलमानों पर है। उन्होंने कहा कि कोर्ट ने बाबरी और कश्मीर पर क्या किया, सब जानते हैं। उन्होंने भीड़ को बताया कि मुस्लिम पुरुषों को जेल भेजने के लिए कानून बनाए गए हैं और आपकी जमीन किसी और को दे दी गई है। शरजील ने यह भी कहा कि सबसे अच्छी बात यह है कि अंतरराष्ट्रीय मीडिया को दिल्ली पहुंचने में सिर्फ पांच मिनट लगते हैं।






