

Mohan Bhagwat 75th Birthday: प्रधानमंत्री मोदी ने मोहन भागवत को जन्मदिन की बधाई देते हुए लिखा कि उनका जीवन राष्ट्र सेवा, सामाजिक समरसता और संगठन के लिए पूर्ण समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने अपने लेख में मोहन भागवत के जीवन के कई पहलुओं के बारे में लिखा। पीएम ने बचपन से लेकर प्रचारक बनने तक, इमरजेंसी के दौर से लेकर सरसंघचालक बनने तक की जर्नी के बारे में लिखा।
पीएम मोदी ने याद किया कि उनका भागवत के परिवार से पुराना संबंध रहा है। भागवत के पिता मधुकरराव भागवत के साथ उन्होंने निकटता से काम किया और बताया कि कैसे एक राष्ट्रवादी पिता ने अपने पुत्र को भी राष्ट्रनिर्माण के लिए तैयार किया।
सोशल मीडिया पर अपने लेख में प्रधानमंत्री ने कहा कि संघ की प्रचारक परंपरा साधारण नहीं बल्कि त्याग और तपस्या का जीवन है। भागवत इस परंपरा की मजबूत कड़ी रहे हैं। उन्होंने 1970 के दशक में प्रचारक जीवन शुरू किया, इमरजेंसी के समय आंदोलन में सक्रिय रहे और बाद में कई अहम जिम्मेदारियां निभाईं। जैसे अखिल भारतीय शारीरिक प्रमुख, प्रचार प्रमुख, सरकार्यवाह और 2009 से सरसंघचालक के रूप में संघ का नेतृत्व कर रहे हैं।
पीएम मोदी ने उनके नेतृत्व में संघ में हुए परिवर्तनों का उल्लेख करते हुए लिखा कि गणवेश परिवर्तन, प्रशिक्षण पद्धतियों में बदलाव और पंच परिवर्तन जैसे विचार उनके दूरदर्शी नेतृत्व को दर्शाते हैं। कोविड काल का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि कैसे भागवत ने स्वयंसेवकों को सेवा कार्यों में प्रेरित किया, टेक्नोलॉजी के बेहतर इस्तेमाल पर बल दिया और ज़रूरतमंदों तक सहायता पहुँचाने के प्रयासों को दिशा दी।
लेख के अंत में पीएम मोदी ने लिखा कि यह सौभाग्य की बात है कि जब संघ अपना 100वां वर्ष मना रहा है, तब मोहन भागवत जैसे नेतृत्वकर्ता संघ का मार्गदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने भागवत के दीर्घायु और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करते हुए लेख को समाप्त किया।
इस लेख के जरिए प्रधानमंत्री ने न केवल भागवत को बधाई दी बल्कि उनके नेतृत्व में RSS की भूमिका और सामाजिक दृष्टिकोण को भी देश के सामने विस्तार से रखा है। इस पोस्ट में संघ के लिए पीएम मोदी की भावना साफ दिखाई दी।